सिलावन/देवरान (ललितपुर)। महरौनी क्षेत्र में बालिकाएं शिक्षा प्राप्त करने से वंचित हो रहीं हैं। क्षेत्र में एक मात्र राजकीय बालिका इंटर कालेज है, लेकिन, वह भी उपेक्षा का शिकार हो रहा है।
हाल यह है कि जहां एक ओर भवन जीर्ण-शीर्ण हालत में है, वहीं, दूसरी ओर बालिकाओं की कक्षा में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की वजह से उन्हें कालेज में दाखिला नहीं मिल रहा है, जिस कारण वह आगे की पढ़ाई रोक कर घर का चूल्हा-चौका करने को मजबूर हैं।
लोगों का कहना है कि शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े वायदे करने वाले राजनेताओं व उच्चाधिकारियों का इस ओर काई ध्यान नहीं है। उनका मानना है कि यदि महरौनी क्षेत्र में एक और बालिका इंटर कालेज खुल जाए तो इस समस्या से निजात मिल सकती है। विद्यालय में सिर्फ महरौनी नहीं बल्कि अन्य क्षेत्रों से तीस किलामीटर से भी अधिक दूरी तय करके लड़कियां पढ़ाई करने आती हैं।
कालेज में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। कई वर्ष पुराना हो चुका विद्यालय भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया है। यहां कक्षाएं संचालित करने के लिए मात्र दस कक्ष ही हैं, जबकि यहां छ: से 12 तक की कक्षाएं चलाई जाती हैं। कक्ष में जगह नहीं होने के कारण लड़कियों को सीमित मात्रा में ही दाखिला दिया जाता है।
खास बात यह है कि यहां ज्यादातर ग्रामीण इलाकों की कमजोर वर्ग की लड़कियां दाखिला लेेने पहुंचती हैं, किंतु जगह के अभाव में वह दाखिले से वंचित रह जाती हैं। नतीजन उन्हें आगे की पढ़ाई रोक कर घर में चूल्हा -चौका करने को मजबूर हो पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण बालिकाओं के परिवार निजी विद्यालयों की भारी भरकम फीस जमा करने मेंसक्षम नहीं हैं।
समाजसेवी संस्थाओं का भी इस ओर काई ध्यान नहीं है। लोगों का मानना है कि महरौनी क्षेत्र में एक और राजकीय बालिका इंटर कांलेज खुल जाए तो इस समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकता है।
इसी तरह ब्लाक बार के ग्राम देवरान के निवासियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर ग्राम देवरान में इंटरमीडिएट कालेज खोले जाने की मांग की है। स्वामी ब्रह्मानंद ब्रिगेड के तत्वावधान में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम देवरान में ग्राम पंचायत की काफी जमीन खाली पड़ी है, जिसमें विद्यालय भवन का निर्माण कराया जा सकता है।
मांग की गई कि ग्राम देवरान की आबादी 10 हजार है। इसके अलावा ग्राम खजरा, कंचनपुरा, डोंगरा, हीरापुर, हनुपुरा व कारीटोरन आदि गांव के बच्चों की पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए इंटरमीडिएट कालेज खोला जाए। इस मौके पर गोविंद लोधी, कैलाश, कुंवरलाल, कल्यान सिंह, शेर सिंह व मुकेश कुमार आदि उपस्थित रहे।