संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। लोगों का हजारों करोड़ रुपये हड़प कर फरार होने वाली चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। एलयूसीसी के वाइस चेयरमैन, डायरेक्टर सहित चेस्ट बैंक में कंप्यूटर ऑपरेटर/कंपनी के साझेदार को गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपियों के पास से एलयूसीसी/एलजेसीसी आदि कंपनी से संबंधित प्रपत्र व तकनीकी उपकरण मिले।
कम समय में अधिक मुनाफा मिलने का लालच देकर लोगों की जमापूंजी निवेश कराकर फरार होने वाली चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के खिलाफ विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। कंपनी के मुख्य संचालकों सहित 34 से अधिक आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एलयूसीसी का सीएमडी समीर अग्रवाल जोकि दुबई में है, उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है।
समीर अग्रवाल के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है। इस मामले की जांच के लिए एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने एसआईटी भी गठित की है। टीम खातों को खंगालने सहित अन्य कोण पर जांच कर रही है।
पुलिस ने आरोपी विनय कुमार निवासी ईदगाह पुलिया नंबर-9 निकट नई पुलिस चौकी थाना प्रेमनगर जनपद झांसी, संजीव खरे निवासी ग्राम औरेखी थाना कोतवाली व जनपद जालौन और विपुल शुक्ला निवासी ग्राम जलाला थाना कुरारा जिला हमीरपुर हाल निवासी सुशील नगर थाना कोतवाली उरई जनपद जालौन को गिरफ्तार किया है।
आरोपी संजीव खरे एलयूसीसी का डायरेक्टर था और विभिन्न सेमिनार व गोष्ठी कर लोगों को निवेश करने के लिए झांसा उन्हें लालच देता था। तीसरा आरोपी विपुल शुक्ला एलयूसीसी में वाइस चेयरमैन है और लोगों को प्रलोभन देकर रुपये निवेश करने के लिए प्रेरित करता था। धोखाधड़ी के रुपयों का तीनों आरोपियों ने कई संपत्ति में निवेश किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर रमेश चंद्र मिश्रा आदि शामिल रहे।