ललितपुर। प्रभारी जनपद न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय
लोक अदालत में न तो कोई हारता और न ही कोई जीतता है। इसकी वजह न्यायालयों
में वर्षों से लंबित वादों का निस्तारण लोक अदालत में आपसी-सुलह समझौते के
आधार पर होता है। इस आयोजन की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने
की आवश्यकता है, जिससे लोक अदालत का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिल
सके। वह पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। राष्ट्रीय लोक अदालत में 18,244
प्रकरण निस्तारित होने की उम्मीद है। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी डा. रूपेश
कुमार ने कहा कि 12 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा
है। इसमें वैवाहिक पारिवारिक वाद, स्टाम्प वाद, पंजीयन वाद, मोटर अधिनियम
वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, श्रम वाद, भूमि अधिग्रहण वाद, ऋण वसूली
अधिनियम मामले, बैंक रिकवरी वाद, चेक बाउंस से संबंधित धारा 138 एनआई एक्ट,
उत्तराधिकार प्रमाण पत्र से संबंधित मामले, बिजली चोरी से संबंधित शमनीय
दंड, नगर पालिका से संबंधित जलकर, गृहकर मामले, उत्तर प्रदेश दुकान एवं
वाणिज्य अधिनियम के अंतर्गत चालान, वन अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण, मनरेगा
प्रकरण, रेलवे दावा संबंधी प्रकरण और दैवीय आपदा से संबंधित आदि वादों पर
सुलह-समझौते के आधार पर विचार किया जाएगा।
वर्तमान में राजस्व विभाग से
संबंधित कुल 18,244 प्रकरण हैं, इनमें 9,117 प्रकरण दैवीय आपदा के, 18
प्रकरण कृषक दुर्घटना बीमा योजना के, 5,787 प्रकरण जनहित गारंटी अधिनियम
के, 180 प्रकरण कृषक दुर्घटना बीमा योजना के व शेष 930 वा राजस्व
न्यायालयों से संबंधित हैं। इसमें और अधिक मामले शामिल होने की संभावना है।
प्रभारी जनपद न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत
के आयोजन की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जरूरत है।
डीएम
डा. रूपेश कुमार ने कहा कि मनरेगा के वादों को शामिल किया जाएगा। लेकिन,
वह अब तक मनरेगा के वादों को सम्मलित नहीं किए जाने का कारण स्पष्ट नहीं कर
सके। इस मौके पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नोडल अधिकारी जिला विधिक सेवा
प्राधिकरण ज्योत्सना सिंह, सिविल जज सीनियर डिवीजन आनंद प्रकाश सिंह एवं
अपर जिलाधिकारी एमके त्रिवेदी, एसडीएम सदर रमेश चंद्र, जिला सूचना अधिकारी
चंद्रचूड़ दुबे, विनोद कुमार जैन उपस्थित रहे।