ललितपुर। चोरों के लिए पनाहगाह बन चुकी नवीन गल्ला मंडी में एक बार फिर चोरों ने सेंध लगा दी है। एक और आढ़तिया की दुकान से बदमाश बीस बोरी सोयाबीन चोरी कर ले गए। ताबड़तोड़ चोरियों से व्यापारियों में आक्रोश है। उन्होंने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला रावतयाना निवासी रामप्रकाश साहू गल्ला मंडी में हरीओम दाल मिल के नाम से दुकान संचालित करते हैं। बुधवार को वह दुकान बंद करके घर चले गए। बृहस्पतिवार की सुबह जब वह दुकान खोलने पहुंचे तो उनकी दुकान की छत के टिन शेड खुले थे। उन्होंने दुकान में रखी सोयाबीन की बोरियों की पड़ताल की तो 20 बोरी कम थी। छत खोलकर चोरी करने का एक महीने में यह चौथा मामला है। लेकिन, अभी तक किसी भी चोरी की घटना का खुलासा नहीं होने से गल्ला व्यापारियों में आक्रोश है। व्यापारियों का कहना है कि गल्ला मंडी में मंडी समिति के सुरक्षा कर्मी के अलावा पुलिस चौकी भी संचालित हो रही है। इसके बावजूद चोर आराम से चोरियों की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। जिस प्रकार से चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, उससे लगता है कि इससें मंडी के ही जानकार शामिल हैं। टिनशेड खोलकर दर्जन बोरियों की चोरी करने में कई व्यक्तियों की भूमिका होने की संभावना व्यक्त की है।
चोरियों का खुलासा न होने से रोष
ललितपुर। गल्ला मंडी में लगातार हो रही चोरियों के खिलाफ में गल्ला व्यापारियों की बैठक बृहस्पतिवार को मंडी परिसर में हुई। इसमें चोरी की घटनाओं का खुलासा नहीं होने पर रोष व्यक्त किया गया। साथ ही गल्ला व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन मंडी बंद करने का निर्णय लिया है। इस मौके पर अशोक अनौरा, संतोष साहू, संजू, नितिन अग्रवाल, संजीव कप्तान, बालचंद्र, नीलू जैन, अंकुर, अरविंद, गोलू जैन आदि उपस्थित रहे।
एक माह में आधा दर्जन चोरी
ललितपुर। गल्ला मंडी में चोरों के आतंक से व्यापारी परेशान हैं। गत एक माह में आधा दर्जन चोरी की वारदात हो चुकी हैं। जहां पहले चोर दुकानों के ताले चटकाकर चोरी की घटना को अंजाम देते थे, वहीं अब उन्होंने नया तरीका टिन शेड वाली दुकानों व गोदामों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। कुछ दिन पहले ही छोटेलाल फर्म से 35 बोरी उर्द, सीरोनजी ट्रेडर्स से 12 बोरी उर्द व तीन हजार रुपये, बरया इंटरप्राइजेज से 24 बोरी उर्द को चुरा लिया गया था। सात दिसंबर को लक्ष्मी इंटरप्राइजेज और बुंदेला ट्रेडर्स को निशाना बनाकर करीब 32 बोरी उर्द चोरी कर ली गई थी। अब एक और दुकान से चोरी हो गई।
कौन खरीद रहा है माल?
गल्ला मंडी से चुराया जा रहे माल को गल्ला मंडी में खपाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। पिछले एक महीने से कई बोरियों को चोरी कर मंडी परिसर से बाहर ले जाना खतरे से कम नहीं है। इसके साथ ही सड़क पर रात में अनाज को लेकर निकालने पर भी बदमाशों को पकड़ा जा सकता है, इसलिए आशंका व्यक्त की जा रही है कि मंडी से चोरी होने वाले को गल्ला मंडी में ही बेचा जा रहा है। वहीं, छत से बोरी निकालने में किसी पल्लेदार की भूमिका को भी नहीं नकारा जा रहा है।
नहीं कराते सत्यापन
नवीन गल्ला मंडी में गल्ला की सैकड़ों फर्म संचालित हो रही हैं। इन फर्मों में करीब हजार से ज्यादा कर्मी काम करते हैं, लेकिन किसी भी कर्मचारी का पुलिस सत्यापन नहीं कराया जाता है। हर बार चोरी की घटना होने के बाद सत्यापन कराने की मुहिम की चर्चा होती है, लेकिन यह केवल चर्चा तक ही सीमित रह जाती है।