ललितपुर। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें लॉकडाउन के समय का बिजली का बिल माफ करने सहित आठ सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग की है।
ज्ञापन में व्यापारियों की समस्याओं को अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश में दलहन स्टॉक की सीमा तय कर दी गई है। खाद्य विक्रेताओं के यहां अनावश्यक सर्वे छापेमारी की जा रही है। कोरोना से मृत व्यापारी को मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लॉकडाउन के समय का विद्युत बिल माफ नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बिजली बिल का फिक्स चार्ज एवं सरचार्ज समाप्त करने, प्रदेश में 3 सितंबर को व्यापारी दिवस घोषित करने, व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ को प्रभावी बनाते हुए व्यापारियों को उचित सुरक्षा देने, डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाने, वरिष्ठ व्यापारी पेंशन योजना लागू करने, जीएसटी की रिटर्न दाखिल करने की अवधि को 30 सितंबर तक बढ़ाने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उपरोक्त मांगों को पूरा नहीं किया गया तो उद्योग व्यापार मंडल उग्र आंदोलन करने को बाध्य हो जाएगा। ज्ञापन पर जिला प्रभारी सुमित अग्रवाल, करीम पप्पू राइन, नरेंद्र तिवारी, पुष्पेंद्र बमरोला, सौरभ जैन, विकाश सोनी, नेहाल सेन, सचिन नामदेव, नेपाल सिंह, बृजेश ताम्रकार, दीपक आस्था, मनीष सोनी, भोले सोनी, सुरेंद्र, नरेंद्र जैन, निक्की जैन, अंशुल जैन, प्रमोद कुमार, विशाल राठौर, कृष्णकांत सोनी, सौरभ जैन आदि के हस्ताक्षर अंकित हैं।