ललितपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर तहसील सदर परिसर में लेखपालों द्वारा किये जा रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन से ठप पड़े राजस्व कार्यों को देखते हुए अब मानमनौव्वल का दौर शुरू हो गया है। आयुक्त राजस्व परिषद ने प्रदेश भर के सभी जिलाधिकारी को पत्र जारी करते हुए हड़ताल समाप्त कराने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को लेखपालों को मनाने के लिए भेजा। लेखपालों ने प्रांतीय नेतृत्व से वार्ता करने के बाद ही हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया।
लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि मांगों को लेकर बताया कि लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी. विसंगति दूर की जाए, पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक व शैक्षिक योग्यता स्नातक करते हुए पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक (क्षेत्र) एवं राजस्व परिषद के पत्र अनुसार राजस्व निरीक्षक (कार्यालय) के 626 पदों का सृजन करने व राजस्व निरीक्षक पदोन्नति व नायब तहसीलदार प्रोन्नति के लिए राजस्व परिषद के प्रस्ताव अनुसार नियमावली में संशोधन करने समेत कई मांग की गई हैं। ललितपुर तहसील पहुंचे एसडीएम सदर रमेश चंद्र ने लेखपालों से बात करने के बाद उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान लक्ष्मी प्रसाद यादव, बृजकिशोर गुप्ता, अरुण प्रजापति, शिवनारायण तिवारी, अनिल कुमार, सुशील शुक्ला, अजय प्रताप सिंह, रामरक्षपाल सिंह, दिनेश निरंजन समेत बड़ी संख्या में लेखपाल उपस्थित रहे।
फसल क्षति आकलन हो रहा प्रभावित
खरीफ की फसल में मोजेक रोग लग गया है। जिस कारण से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दिनों जिलाधिकारी ने सभी गांवों में निरीक्षण कर खराब हुई फसल का आंकड़ा जुटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। लेखपालों की हड़ताल पर जाने के कारण फसल क्षति आंकलन कार्यक्रम बुरी तरीके से प्रभावित हो गया है।