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दाल मिलें चलाने वालों पर शिकंजा कसा

Sun, 28 Aug 2016 12:42 AM IST
lalitpur
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गेहूं - फोटो : demo pic
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ललितपुर। गल्ला मंडी में चल रहीं दाल मिलों की जांच अब उपनिदेशक कराएंगे। इससे छनाई सेंटर के नाम पर चोरी-छिपे दाल मिल चलाने वालों पर शिकंजा कस गया है। दरअसल दाल मिल चलने को पुराना मामला बताकर मंडी प्रशासन ने तो कारोबारियों को राहत दे दी, लेकिन उपनिदेशक इस मूड में नहीं हैं। ऐसे में मिल संचालकों की गर्दन फंसनी तय मानी जा रही है। मंडी प्रशासन द्वारा दस व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सूची मंडी उपनिदेशक को दी गई है। बता दें कि अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया है। इसके बाद उपनिदेशक ने मामले को अपने संज्ञान में लिया है।
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गल्ला मंडी में करीब चार सौ व्यापारियों द्वारा जिंस का कारोबार किया जाता है। जबकि, गल्ला मंडी समिति में 24 दाल मिलों का पंजीयन कराया गया है। जिन्हें औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत चंदेरा औद्योगिक आस्थान में संचालित किया जाता है। मंडी प्रशासन द्वारा मंडी से गेट पास जारी होने के बाद जिंस दाल मिलों में पहुंचती है और वहां जिंस का स्वरूप परिवर्तित कर दाल बनाई जाती है। लेकिन, गल्ला मंडी में भी कुछ व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छनाई सेंटर के नाम पर गलत तरीके से दाल मिलों का संचालन किया जा रहा है। दाल मिलों की सच्चाई जानने के लिए मंडी उपनिदेशक झांसी ने मंडी सचिव से करीब बीस दिन पूर्व जांच दाल मिलों की जांच रिपोर्ट तलब की थी। लेकिन, मंडी प्रशासन जांच करने से कतरा रहा है। बीस दिन बाद भी मंडी प्रशासन द्वारा मिलों की जांच नहीं कराई गई, लेकिन दस व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सूची उपनिदेशक को भेज दी है। मंडी समिति अधिकारी प्रतिष्ठान उनके सामने आवंटित नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। उपनिदेशक के निर्देश के बावजूद मंडी प्रशासन द्वारा ऐसा करने से कारोबारियों को राहत मिल गई। लेकिन मंडी उपनिदेशक झांसी गलत तरीके से काम करने वाले कारोबारियों को राहत देने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने खुद ललितपुर गल्ला मंडी में चल रहीं मिलों की पड़ताल कराने का निर्णय लिया है।

उपनिदेशक ने बताया कि मंडी प्रशासन द्वारा अब तक कोई भी दस्तावेज उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया है, लेकिन वह गल्ला मंडी में चल रहीं मिलों की सच्चाई सामने जरूर लाएंगे। इसके लिए गल्ला मंडी में संचालित हो रहे सभी छनाई सेंटरों की जांच कराई जाएगी और यदि नियम विरुद्ध मिल संचालन पाया जाता है, तो कार्रवाई की जाएगी। उपनिदेशक के कड़े रुख से जांच के बाद कई कारोबारियों की गर्दन फंसनी तय मानी जा रही है। अब देखना होगा कि गल्ला मंडी में संचालित हो रहीं दाल मिलों की जांच कब तक और किस स्तर तक कराई जाती है।
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अभी सूची प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन मंडी के अंदर दस मिलों के संचालित होने की सूचना प्राप्त हुई है। जल्द ही सारी मिलों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। गलत तरीके से काम करने वाले कारोबारियों को बक्शा नहीं जाएगा।
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- रवि शंकर गुप्ता, उप मंडी निदेशक झांसी
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