पाली। जनपद कन्नौज में अधिवक्ताओं द्वारा लेखपालों के साथ किए गए दुर्व्यवहार से क्षुब्ध जनपद के लेखपाल हड़ताल पर हैं। उन्होंने आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस की मांग की और दोषी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी की भी मांग की है। लेखपालों की हड़ताल से तहसील का कार्य प्रभावित है। जरूरतमंद किसान परेशान हैं। बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में सन्नाटा पसरा रहा।
लेखपालों की हड़ताल से वकीलों के बस्ते सूने रहे। दूरदराज के किसान परेशान होकर घर चले गए। लेखपालों के समर्थन में तहसीलदार एवं अन्य कर्मचारी हाथ पर काली पट्टी बांधकर अपना कार्य निपटा रहे हैं। जबकि, लेखपाल संघ मांगें मनवाने के लिए कार्य बहिष्कार कर धरना दे रहा है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील पाली के लेखपालों ने मुख्यमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में दोषी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी, बार कौंसिल से लाइसेंस निरस्त करने, लेखपालों के विरुद्ध लिखाई गई एफआईआर निरस्त करने, कन्नौज के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को हटाने की मांग की है।
धरने के दौरान आकाश अग्रवाल, अनिल श्रीवास्तव, राजेंद्र पांडेय, मुजीब बेग, महेंद्र यादव, नंदराम, शिवसेवक व विनय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
मांगें पूरी न होने पर संपूर्ण समाधान का होगा बहिष्कार
पाली। उत्तर प्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ मांगों को लेकर 26 तक काली पट्टी बांधकर कार्य कर रहे हैं। मांग में बताया कि राजस्व निरीक्षकों की पदोन्नति नायब तहसीलदार पद पर की जाए। वेतनमान बढ़ाया जाए। मांग पूरी नहीं होने पर एक अक्तूबर को होने वाले संपूर्ण समाधान का बहिष्कार किया जाएगा तथा जिला मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा। इस दौरान ध्रुव पुरोहित, अभय प्रताप सिंह, कलीम हुसैन, तीरथ सिंह व राजेंद्र बहादुर आदि मौजूद रहे।
नकल खिड़की बंद, किसान परेशान
लेखपालों द्वारा किए जा रहे कार्य बहिष्कार एवं धरने से पाली तहसील से जुड़े गांवों के किसानों के कामकाज प्रभावित हैं। लेखपालों के समर्थन में अन्य संघ में उतर आए हैं, जिससे तहसील में खतौनी कार्य बंद है। नकल खिड़की के दरवाजे भी किसानों के लिए बंद कर दिए गए हैं। लेखपालों का धरना आगे खिंचता है तो किसानों की परेशानी बढ़ जाएगी।