डोंगरा खुर्द। मध्य प्रदेश के सागर और जिले में लगातार हो रही बरसात का असर जामनी बांध पर पड़ रहा है। बांध का जलस्तर बढ़ने से बृहस्पतिवार की सुबह बांध के गेट खोल दिए गए। नदी में पानी बढ़ने से महरौनी-बानपुर मार्ग के पुतली घाट का पुल पर आवागमन ठप है। नाराहट-महरौनी मार्ग पर कुजान का पुल भी डूब गया व आवागमन ठप हो गया है। दोपहर में महरौनी से ललितपुर आने वाले मार्ग पर छपरट नदी के पुल पर जानी आ जाने से यहां पर भी रास्ता बंद हो गया। बड़ा नाला और चांदौरा में बसकरया नाला भी उफान पर आ गया।
आने-जाने के रास्ते ठप हो जाने से लोगों को 50 किलोमीटर से अधिक का चक्कर लगाना पड़ रहा है। जामनीबांध की नदी उफान पर होने के कारण बस, ट्रक, पिकअप, टैक्सी आदि वाहन नदियां उतरने का इंतजार कर रहे हैं। महरौनी-बानपुर मार्ग पर वाहन फंसे हुए हैं। गांवों के लोगों का महरौनी से संपर्क टूट गया है। बरसात से पांडव वन नदी सहित कई नदियां नाले-उफान पर लगातार चल रहे हैं, जिनका पानी जामनीबांध में पहुंच रहा है।जामनी बांध का जलस्तर देखकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार की सुबह बांध के गेट खोल दिए।
दो गेट पांच-पांच फीट, दो गेट चार-चार फीट और दो गेट तीन-तीन फीट फीट खोले गए हैं। इनसे 22850 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बांध का जलस्तर 403,55 मीटर रखना है। पानी बढ़ता देख सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जामनीबांध पर अपना ङेरा जमाए हुए हैं। उधर, नाराहट क्षेत्र में कई वर्षों बाद सुबह चार बजे से दिन में बारह बजे तक लगातार तेज बरसात हुई, जिससे जामनी बांध मार्ग पर निकले नदी- नाले उफान पर आ गए। और यातायात बाधित हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्ष पहले ऐसी बरसात हुई थी। ललितपुर से जामनीबांध के लिए करीब एक दर्जन बसों का आवागमन रहता है, लेकिन अधिक बरसात होने से दो या तीन बसें ही निकाल पाईं, बसें नहीं आने से यात्रियों को मुख्यालय पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। तार बाबू सुरेश कुमार ने बताया कि अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता बांध पर मौजूद हैं। किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।