ललितपुर। शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का जिम्मा उठाने वाले जल संस्थान के कर्मी इन दिनों बेपरवाह नजर आ रहे हैं।
सूखाग्रस्त घोषित जिला पानी के संकट से जूझ रहा है, जबकि नगर में आधा दर्जन से अधिक लीकेज होने के बाद भी उनकी ओर ध्यान नहीं दिया जा है। इससे नगर के विभिन्न इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है।
जल संस्थान शहर के साथ- साथ विभिन्न ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति करता है। लेकिन, विभागीय कर्मियों की लापरवाही से विभिन्न इलाकों के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह लीकेज है। पुलिस अधीक्षक आवास के पास, पुरानी तहसील के पास, घंटाघर आदि स्थलों पर लीकेज होने से मुहल्ला चौबयाना समेत विभिन्न इलाकों में गंदा पानी आ रहा है।
इतना ही नहीं, हर रोज बरबाद हो रहे सैकड़ों लीटर पानी को बचाने के प्रयास भी नहीं किए जा रहे हैं। गली- मुहल्लों में टोटी के बिना लगे स्टेंड पोस्ट से पानी बरबाद हो रहा है। मुहल्ला महावीरपुरा की टंकी में भी टोंटी नहीं है। इसके अलावा मुहल्ला चौबयाना व नदीपुरा में अनगिनत स्थानों पर कटे पाइपों से पानी बरबाद हो रहा है।
यह पानी आपूर्ति बंद होने तक बरबाद होता है। नगर के बुद्धिजीवियों ने इस ओर कई बार ध्यान आकर्षित कराया, लेकिन इसका समाधान नहीं हो सका।
तो खड़ा होगा संकट
जिले के गोविंद सागर बांध में पहले से ही काफी कम पानी है। यदि इसी तरह पानी बरबाद होता रहा तो मार्च माह के बाद बूंद- बूंद पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।
नहीं फैलाई जा रही जागरूकता
नगरवासियों को पेयजल बचाने के प्रति जागरूक नहीं किया जा रहा है। यही वजह है कि नगर के अनेक लोग पानी संग्रहित करने के स्थान पर यूं ही बरबाद करने के लिए छोड़ देते हैं। यदि समाजसेवी संस्थाएं आगे आएं तो इस तरह की पानी की बरबादी को रोका जा सकता है।