बैठक में चर्चा करते मंडलायुक्त
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ललितपुर। बुंदेलखंड की प्राकृतिक व ऐतिहासिक संपदा को विलुप्त होने से बचाने व कलाओं को संरक्षित करने के उद्देश्य से गठित की गई समितियों की संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें मंडलायुक्त डॉ. अजय शंकर पांडेय ने कहा कि झांसी मंडल में बुंदेलखंड की विभिन्न विरासतों को संरक्षित कराए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि परियोजनाएं पूरी होते ही पर्यटन के मानचित्र पर ललितपुर चमक जाएगा।
बैठक में उप निदेशक पर्यटन आरके रावत ने बताया कि प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड के पर्यटन के विकास की सात परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। जिसमें ललितपुर में ककरावल (जखौरा) में बेतवा जल प्रपात और पांडव वन के पर्यटन के विकास के प्रस्ताव अनुमोदित हुए हैं। जिन पर कार्य प्रारंभ हो गया है। मंडलायुक्त का कहना है कि परियोजनाएं पूरी होते ही पर्यटन के मानचित्र पर ललितपुर चमक जाएगा।
मंडलीय परियोजना प्रबंधक एनएचएम आनंद चौबे ने बुंदेलखंड की विरासत के संकलन, संरक्षण, अंवेषण एवं शोध हेतु गठित की गई आठ समितियों की अब तक की कार्य प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया। क्षेत्र के पर्यटक विकास की एक विस्तृत योजना बनाने पर जोर दिया गया। जिसमें वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रस्ताव पर चर्चा हुई। आयुक्त ने इन सभी परियोजनाओं के स्वीकृत निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराए जाने के भी निर्देश दिए।
विशिष्ट कृषि उत्पाद संरक्षण के क्षेत्र में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने, कृषि वैज्ञानिकों के सत्र, किसानों को एक्सपोजर विजिट कराने पर चर्चा हुई। आयुक्त ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाया जाना एक महत्वपूर्ण विषय है। इसमें अंतर विभागीय समन्वय को बढ़ावा देने के लिए कृषि, उद्योग, विपणन, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, वन, मत्सय विभाग आपस में मिलकर कार्य करें। उन्होंने सुझाव दिया कि कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग के लिए निजी क्षेत्र की इकाईयों की स्थापना के तलाशने की दिशा में कार्य किया जाए।