आरोप है कि अगले दिन बयान दिलाने के बहाने थाने बुलाया गया और उसी दिन शाम को थानाध्यक्ष ने थाना परिसर स्थित अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक के आदेश पर थानाध्यक्ष, एक महिला एवं चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
थानाध्यक्ष को निलंबित कर दो दिन बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वहीं घटना के चलते उस समय थाना में तैनात 29 पुलिसकर्मियों को एडीजी कानपुर जोन से लाइन हाजिर कर दिया था। थाने में पूरा नया स्टाफ तैनात किया गया। यह मामला मुख्यमंत्री योगी तक भी पहुंचा था। झांसी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने इस मामले में कड़ी नाराजगी भी जताई थी।
पाली प्रकरण में एसआईटी टीम का गठन किया गया है, जिसमें एसपी सिटी झांसी, एक सीओ झांसी और एक ललितपुर के सीओ को टीम में शामिल किया गया है।
- निखिल पाठक, पुलिस अधीक्षक, ललितपुर।