गोविंद नगर व रावतयाना में नाली की सफाई करते कर्मचारी
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ललितपुर। नगर पालिका परिषद ने मानसून सीजन आने से पहले नाला व नालियों की सफाई का अभियान शुरू कर दिया है। वार्ड नंबर 23 और 14 में रावतयाना व गोविंदनगर में सफाई कर्मियों ने नालियों की सिल्ट निकाली। जोन द्वितीय में अभी तक 44 नालों की सफाई की जा चुकी है।
मानसून सीजन में ही नगर पालिका की असलीे परीक्षा होती है। जब नालियों का पानी ओवरफ्लो होता है, तब सड़कें तालाब की तरह नजर आने लगती हैं। कई मोहल्लों में बारिश का पानी घंटों तक भरा रहता है। इससे आने-जाने में समस्या होने लगती है। सबसे ज्यादा समस्या नदीपार कैलगुवां तिराहे के पास उत्पन्न होती है। यहां पूरे बारिश के सीजन में जलभराव की समस्या रहती है। कमोवेश यही स्थिति मोहल्ला तालाबपुरा में बनती है। यहां हल्की बारिश में नाले उफना जाता है। इसके अलावा कई अन्य मोहल्लों में भी जल भराव होता है।
इसे ध्यान में रखकर नगर पालिका परिषद ने मानसून आने के पहले नाला और नालियों के सफाई का अभियान शुरू कर दिया है। मंगलवार को सफाई एवं खाद्य निरीक्षक संदीप कुमार के निर्देशन में वार्ड नंबर 23 एवं 14 में नालियों पर विशेष सफाई का अभियान चलाया गया। मौके पर अमित कुमार पर्यवेक्षक जोन द्वितीय ने बताया कि दस-दस सफाई कर्मियों की गैंग बनाकर सफाई का कार्य कराया जा रहा है। नाला और नालियों की सफाई का कार्य किया जा रहा है। मानसून आने से पहले जोन द्वितीय के सभी नाला व नालियों में सफाई हो जाएगी। पूरे शहर में 121 छोटे- बड़े नाले हैं।
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कई पुलियां हैं अवरुद्ध
शहर के विभिन्न वार्डों में नाला व नालियों के ऊपर पुलियों का निर्माण कराया गया है, लेकिन कई पुलियां या तो क्षतिग्रस्त हैं या फिर अवरुद्ध हैं। ऐसे में जब तक अवरुद्ध पड़ीं पुलियां पूरी तरह से नहीं खुल जाती हैं, तब तक बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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शहर को दो जोन में बांटा गया है। द्वितीय जोन में छोटे-बड़े मिलाकर 78 नाले चिह्नित हैं, इनमें से 44 की अभी तक सफाई का काम पूरा हो चुका है।
- संदीप कुमार
सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, नगर पालिका परिषद