कॉलेज प्रशासन ने ओपीडी परिसर को वातानुकूलित बनाने के लिए पंखे हटवाकर कवर कर दिया है। अब एसी भी नहीं चल रहा है। ऐसे में ओपीडी में आ रहे मरीज पसीना से तर हो रहे हैं। बच्चों व बुजुर्गों का हाल-बेहाल हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने ओपीडी परिसर को वातानुकूलित बनाने के लिए पंखे हटवाकर कवर कर दिया है। अब एसी भी नहीं चल रहा है। ऐसे में ओपीडी में आ रहे मरीज पसीना से तर हो रहे हैं। बच्चों व बुजुर्गों का हाल-बेहाल हो रहा है।
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मेडिकल कॉलेज के प्रथम तल पर स्थित समूचे ओपीडी परिसर में लगाने के बाद सीलिंग पंखा भी हटा दिए गए थे। खिड़कियों के कांच व अन्य खुले क्षेत्र को कवर किया गया था। लेकिन, वर्तमान में ओपीडी परिसर के एसी नहीं चल रहे हैं। जिससे उपचार को आ रहे मरीजों व तीमारदारों की गर्मी में हालत खराब हो रही है। इनमें बच्चों व बुजुर्गों को खासी परेशानी हो रही है। शनिवार को आए अधिकांश मरीज अपने पर्चा तो कोई गमछा व हाथ से हवा करते नजर आए। प्रतिदिन लगभग 1500 से अधिक मरीज व तीमारदार आकर परेशान हो रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बुजुर्ग वार्ड के एसी पड़े खराब
मेडिकल कॉलेज में भूतल पर स्थित बुजुर्ग वार्ड में लगे तीनों एसी खराब पड़े हुए हैं। वातानुकूलित बुजुर्ग वार्ड में आज कूलर तक नसीब नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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ओपीडी परिसर में लगे एसी की सर्विस के लिए संबंधित कंपनी को पत्राचार किया गया है, जल्द ही सर्विस कराई जाएगी। -डॉ. गजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज