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Lalitpur News: लालटेन युग से निकलकर सौर ऊर्जा के फलक पर चमका ललितपुर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। जिले बनने से पहले ही ललितपुर में पावर हाउस की स्थापना जनपद में हो गई थी। लेकिन, विद्युत लाइन का विस्तार जनपद गठन के बाद तेजी से हुआ। लालटेन युग से निकलकर सौर ऊर्जा के फलक पर चमक रहा ललितपुर ग्रीन एनर्जी उत्पादन का हब बनने जा रहा है। यहां पर सोलर पार्क स्थापना के कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। जनपद में 56 हजार करोड़ की लागत से सौर ऊर्जा उत्पादन लक्ष्य जनपद में रखा गया है। वहीं विद्युत संयंत्र और बांध परियोजनाओं से प्राप्त बिजली दूसरों को बेच भी रहे हैं।
जब जिले का गठन हुआ शहर की सड़कों को रोशन करने के लिए नगर पालिका प्रमुख चौराहों पर मिट्टी तेल के लैंप जलाती थी। जिसे आम बोेलचाल में लालटेन का कहा जाता था। और अब सौर ऊर्जा उत्पादन में जनपद नई परिभाषा लिखने जा रहा है। यहां पर देश की प्रतिष्ठित रिलायंस इंडस्ट्रीज कंपनी 42,250 करोड़ रुपये का निवेश कर सौर ऊर्जा प्लांट लगाएगी। कुल 10 गीगावाट बिजली का उत्पादन होगा।
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इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने करीब तीन हजार एकड़ भूमि चिह्नित की है। कंपनी ने प्लांट के लिए तहसील तालबेहट के आठ गांवों में तीन हजार एकड़ भूमि भी चिन्हित कर ली है, इसमें कुछ ग्राम समाज की तो कुछ एकड़ निजी भूमि है। कंपनी इसे समझौते के तहत लीज पर लेगी। बिजली समस्या से भी काफी हद तक निजात मिल सकेगी।
यहां लगने वाले अन्य सोलर प्लांट
अन्य नामी कंपनियां भी सोलर प्लांट स्थापित कर रही हैं, इसमें टुस्को कंपनी दो प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। एक प्रोजेक्ट माताटीला बांध पर करीब 6,500 करोड़ रुपये से फ्लोटिंग सोलर प्लांट व ग्राम सरखड़ी के पास एक सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। वहीं, एसजेडीएन एनर्जी कंपनी तालबेहट क्षेत्र में पांच हजार करोड़ रुपये से सोलर प्लांट स्थापित करेगा। इसके लिए 600 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है।
ललितपुर पावर जनरेशन में 1980 मेगावाट उत्पादन
जनपद वर्तमान में कोयले से भी विद्युत उत्पादन कर रहा है। 2011 में ग्राम चिगलौआ में पावर प्लांट की नींव बजाज पावर जनरेशन कंपनी रखी थी, प्लांट बनकर तैयार हो गया है, करीब एक दशक से अधिक समय हो गया है, तब से यह बिजली का उत्पादन कर रहा है। यहां पर 680-680 मेगावाट की तीन यूनिटें कार्य कर रही हैं। 51 साल में विद्युत उत्पादन में प्रमुख योगदान जनपद से दर्ज कराया है।
सौर ऊर्जा फैक्ट फाइल
- 187 इकाइयों ने निवेश के लिए एमओयू साइन
- 53 इकाइयाें का काम अंतिम दौर में
- 56000 करोड़ रुपये निवेश का मिला है लक्ष्य
- 15683 करोड़ के प्रोजेक्ट का काम अंतिम चरण में
वर्जन
हमने देखा है कि एक दौर था कि बिजली कुछ घरों तक ही सीमित थी, लेकिन अब हर घर में बिजली दिखाई दे रही है। सड़कों पर भी स्ट्रीट लाइट से रोशन हो रही है। ग्रामीण इलाकों में सोलर लाइट से प्रकाश किया जा रहा है। - मोहन लाल झां, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवा निवृत्त शिक्षक
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पहले जनपद में बिजली सिर्फ खर्च की जाती थी, अब यहां पर उत्पादन भी हुआ हो रहा है। पावर प्लांट व सोलर प्लांट से बिजली का उत्पादन हो रहा है। जनपद जल्द ही सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन क्षेत्र में पूरे देश में अपना नाम रोशन करेगा। - सुभाष जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष।
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