पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रमेश खटीक के खिलाफ कोतवाली सदर में कोर्ट के आदेश पर निर्माण ध्वस्त कर छह लाख रुपये की सामग्री ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले जाने और 25 लाख रुपये मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली सदर अंतर्गत मोहल्ला चौबयाना निवासी मीना ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि उसने वर्ष 2021 में एक व्यक्ति से 1800 वर्गफीट का प्लाट खरीदा था, जोकि सागर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग से लगा है। उक्त प्लाट पर उसने दीवार का निर्माण कराया था। 23-24 अप्रैल को रमेश खटीक निवासी सुभाषपुरा अपने साथियों के साथ जेसीबी लेकर पहुंचा। बाउंड्रीवॉल तथा नींव को तोड़कर नष्ट कर दिया। पिलर्स काट दिए थे और ट्रैक्टर-ट्रॉली में सामग्री भरकर ले गए। इससे उसे छह लाख रुपये का नुकसान हुआ।
यह भी आरोप था कि रमेश खटीक ने पूर्व में उसे धमकी दी थी कि 25 लाख रुपये नहीं दिया तो न प्लाट पर मकान बना पाएगा और न ही कब्जा रहने दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत उसके पति संतोष कुमार को 24 अप्रैल को एक व्यक्ति बुलाने आया। उसके पति से कहा कि पूर्व चेयरमैन रमेश खटीक ने उसके प्लाट पर निर्मित बाउंड्रीवाल और पिलर गिरा दिया है। वे दोनों अपने प्लाट पर पहुंचे तो बाउंड्रीवाल व पिलर टूटे मिले। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि 23 व 24 अप्रैल को रमेश खटीक व उसके आदमी रिवाल्वर व जेसीबी के साथ आए थे। उन्होंने बाउंड्रीवाल, नींव को जेसीबी से नष्ट किया। कटर से पिलर को काटा और ट्रैक्टर-ट्रॉली में मैटेरियल भरकर ले गए। 25 अप्रैल को वे लोग सुभाषपुरा स्थित रमेश खटीक के घर पहुंचे। उसने संतोष को धमकी देते हुए 25 लाख रुपये की मांग की।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।