गंदगी से घिरे हैंडपम्प से पानी लेता ग्रामीण
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सैदपुर/मड़ावरा। देशभर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण अंचल में साफ-सफाई एवं स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन सरकार की योजना का विकासखंड महरौनी की ग्राम पंचायत करौंदा में काफी बुरा हाल है। गांव में विभागीय लापरवाही के चलते जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
गांव के संविलियन विद्यालय के सामने लगा हैंडपंप चारों ओर से गंदगी और कीचड़ से सराबोर है। कीचड़ और गंदगी के चलते हैंडपंप का पानी बदबूदार और दूषित हो गया है। वहीं, मोहल्ले के लिए पानी का एकमात्र स्रोत यही हैंडपंप मात्र है, मजबूरन ग्रामीण इसी हैंडपंप का पानी उपयोग कर रहे हैं। जिसके चलते उन्हें उल्टी-दस्त समेत अन्य संक्रामक रोग फैलने का भय बना हुआ है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उनके गांव में मच्छर-मक्खी से फैलने वाले रोगों की रोकथाम के लिए लार्वानाशक का छिड़काव भी नहीं कराया गया। जिसके चलते गांव में डेंगू, मलेरिया आदि फैलने की भी आशंका बनी हुई है।
गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं कराए जाने से चारों ओर गंदगी का अंबार लगा है, वहीं जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। -धनीराम सिंह राजपूत
मोहल्ले में एक हैंडपंप के अलावा पानी का कोई अन्य साधन नहीं होने से बस्ती वाले मजबूरन गंदा पानी के इस्तेमाल को मजबूर हैं। -अनिल सिंह
कुछ वर्ष पहले दूषित पानी के उपयोग से गांव में डायरिया फैल गया था तब जलनिकासी के लिए नाली निर्माण एवं पर्याप्त साफ-सफाई कराए जाने का निर्देश दिए गए थे। -जुझार सिंह