जुएं की सूचना एसपी को दें
जानकारी देने वाले का नाम रखा जाएगा गुप्त
जुआरियों पर होगी गैंगस्टर की कार्रवाई
मोबाइल नंबर किया सार्वजनिक
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। दीवाली पर्व नजदीक आते ही जिले भर में जुएं के फड़ आबाद हो गए हैं। इसे देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने नई मुहिम शुरू की है। उन्होंने जुआ की खबर देने वाले का नाम गुप्त रखने की बात कहते हुए जुआरियों पर गैंगेस्टर एक्ट जैसी सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने बताया कि उन्हें सूचना मिल रही थी कि शहर क्षेत्र और जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी अराजक तत्वों द्वारा जुआ खिलवाया जा रहा है। इस पर अंकुश लगाया गया तो काफी समय से जुआ बंद था, लेकिन दीवाली त्योहार नजदीक आने के कारण जुआरियों द्वारा चोरी-छिपे जुएं के फड़ सजाने की जानकारी मिल रही है।
एसपी ने जुए पर अंकुश लगाने के लिए नई मुहिम शुुरू की है, जिसमें आमजन की सहभागिता होगी। दरअसल, कभी-कभी आम जनता को जुएं के अड्डे की जानकारी होते हुए भी संपर्क नंबर नहीं होने के कारण पुलिस को सूचना नहीं दे पाते हैं।
ऐसे में पुलिस अधीक्षक ने जनता के व्यक्तियों द्वारा जुआ की सूचना देने के लिए अपना मोबाइल नंबर 9454402460 सार्वजनिक कर दिया है। इस नंबर पर जुआ की गोपनीय सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम व पता पूर्ण रूप से गुप्त रखा जाएगा और उन्हें गोपनीय तरीके से प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जुआ के कारोबार में बहुत से पुलिस कर्मियों की मिलीभगत हो सकती है, इस विषय में जानकारी मिलने पर संबंधित सूचना को संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप के माध्यम से भी सूचना दी जा सकती है।
झांसी के जुुआरिओं ने डाला डेरा
नगर क्षेत्र में झांसी जनपद के कुछ जुआरी डेरा डाले हुए हैं। इन जुआरियों पर नाल लेकर शहर और जनपद के अन्य क्षेत्रों में जुआ खिलाने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन, कुछ पुलिस वालों की संरक्षण के कारण इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पायी है।
कुछ महीने पहले पुलिस ने वैरावट मंदिर के पास खेत में लंबे समय से चल रहे एक जुए के अड्डे का पर्दाफाश किया था। इस दौरान कुछ जुुआरी भागने में सफल हुए थे, लेकिन उनकी मोटरसाइकिलें बरामद हो गई थी। हैरानी की बात है कि फरार आरोपियों को न तो पकड़ा गया और बिना लिखा पढ़ी के उनकी बाइक भी छोड़ दी गईं।
इन्हीं क्रियाकलापों को देखते पुलिस अधीक्षक ने आम जन से गलत कामों में लिप्त पुलिस कर्मियों की शिकायत करने को कहा है, जिससे उन पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हो सके, जो वर्दी की आड़ कानून विरोधी गतिविधियों को संरक्षण दिए हैं।