- गलियों में सड़क और नाली के अभाव में जमा हो रहा दूषित पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नगर पालिका सीमा विस्तार में शामिल क्षेत्रों को नौ वर्ष बाद भी सड़क की सुविधा नहीं मिल सकी है। ऐसे में गलियां दलदल में तब्दील हैं। लोगों को निकलना तक मुश्किल हो रहा है। यही नहीं बिजली का संकट बना हुआ है। आलम यह है कि गांव से बदतर स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे में पालिका के विकास की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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नगर पालिका के वार्ड-23 रावतयाना प्रथम के मोहल्ला शिवधाम कॉलोनी में अबतक सड़क नहीं डल पाई है। बारिश होने पर रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है। इससे वाहन तो दूर लोगों को पैदल तक निकलना मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों को घर से नहर तक आना मुश्किल हो जाता है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। इसके बाद भी अबतक जिम्मेदारों ने सड़क के निर्माण को लेकर सुध नहीं ली है। इसका खामियाजा राहगीरों को दलदल भरे मार्ग से निकलकर भुगतना पड़ रहा है।
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नगर पालिका के वार्ड आठ जुगपुरा में पटौराकलां मार्ग से जुड़ी गलियों में सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। तीन गलियां कीचड़ में तब्दील होने से निकलना मुश्किल हो रहा है। पत्थरों के सहारे निकलने को मजबूर हैं। वहीं, नहर किनारे स्थित गली में सड़क न होने से नाली का पानी रास्ते में जमा हो रहा है। बच्चे अकेले नहीं निकल पाते हैं। दूषित पानी से बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश में पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं।
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शिवधाम कॉलोनी में बिजली के अभाव में पसरा अंधेरा
रावतयाना प्रथम के मोहल्ला शिवधाम काॅलोनी में अबतक बिजली आपूर्ति की सुविधा नहीं हो सकी है। आपूर्ति तो दूर अब तक खंभा तक नहीं लगाए गए हैं। इससे शाम होते ही घरों में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। बच्चे घरों में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। वहीं कुछ लोग बिजली लिए तो अधिक दूरी से केबल डली हुई है। मोहल्लावासियों का कहना है सड़क व बिजली आपूर्ति की सुविधा मुहैया कराई जाए।
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कैप्सन- कंचन
कई वर्षों से सड़क की राह देख रहे हैं लेकिन, बन नहीं पाई है। दूषित पानी व कीचड़ से होकर निकलना पड़ रहा है।- कंचन
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कैप्सन- लक्ष्मीदेवी
सड़क व नाली न होने से घर के सामने दूषित पानी जमा बना हुआ है। इससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है।- लक्ष्मीदेवी
शिवधाम कॉलोनी में सड़क नहीं है। यहां पर सर्वे कराकर एस्टीमेट तैयार कर प्रस्ताव बोर्ड में रखकर स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। इसके बाद ही निर्माण कराया जाएगा। - दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद