चिकित्सक बोले-रखें संतुलित खानपान, धूम्रपान व धूल और धुएं से करें बचाव
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बदलते मौसम के साथ ही हल्की सर्दी का असर शुरू हो गया है। दिन और रात के तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव से अस्थमा के मरीजों को समस्या हो सकती है। यह मौसम अधिक घातक होता है। ऐसे में चिकित्सकों का कहना है कि संतुलित खान-पान व अन्य सावधानियां बरतें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
बीते चार दिनों से मौसम ने करवट बदलना शुरू कर दिया है। अब दिन तेज धूप के साथ ही रात में सर्दी का अहसास होने लगा है। ऐसे में बदलते मौसम में अस्थमा के रोगियों को समस्या हो सकती है। इन मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पवन सूद का कहना है कि आने वाला मौसम अस्थमा मरीजों के लिए काफी खतरनाक है। सर्दी में श्वास नलियां सिकुड़ने से सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। ऐसे में धूम्रपान व धूल और धुएं से बचाव करें।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि सर्दी में अस्थमा के रोगियों को समस्या बढ़ जाती है। इस मौसम में खरीफ फसल की कटाई व मड़ाई होने से इसके कण श्वास रोगियों को परेशानी दे सकते हैं। ऐसे में मास्क लगाएं। साथ ही बीमारी से बचने के लिए संतुलित खानपान, मौसमी फल व सब्जियों का प्रयोग करें। ठंडी और तली-भुनी खाद्य वस्तुओं से परहेज करें। अस्थमा के मरीज नियमित रूप से इन्हेलर का प्रयोग करें। प्राणायाम व अन्य व्यायाम लाभदायक है।
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इन बातों का रखना होगा ध्यान
- धूल और धुएं से बचाव करें। आवश्यकता पर मास्क का प्रयोग करें।
- वायरस-बैक्टीरिया के संक्रमण से अस्थमा होने का खतरा रहता है।
- श्वास के रोगी अपनी दवा की पर्याप्त खुराक लेते रहें।
- इन्हेलर साथ रखें, नियमित उपयोग करें