ललितपुर। शहर में मानकों की अनदेखी कर प्राइवेट कालोनियों में भवन स्वामियों को कनेक्शन दिए जा रहे हैं। एक कालोनी में कनेक्शन देने पर विद्युत विभाग के अवर अभियंता से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
विद्युत विभाग द्वारा घरेलू, कॉमर्शियल, पावर अथवा अन्य विद्युत संयोजन के लिए अलग- अलग मानक निर्धारित किए गए हैं। इसी प्रकार शहर में नवनिर्मित सरकारी व प्राइवेट कॉलोनियों के लिए भी विभाग द्वारा मानक तय किए गए हैं। शहर में कई प्राइवेट कालोनियां बनाई जा रही हैं। निर्माणाधीन कॉलोनियों में विद्युत कार्यों के लिए अस्थाई संयोजन दिया जाता है। कालोनी का निर्माण पूर्ण होने पर विद्युतीकरण के लिए विभाग से अनुमति मिलने के बाद कालोनी में विद्युत लोड का प्रस्ताव अवर अभियंता की संस्तुति पर एसडीओ या अधिशासी अभियंता द्वारा स्वीकृत किया जाता है। इसके लिए स्टीमेट बनाकर झांसी में अधीक्षण अभियंता अथवा मुख्य अभियंता स्तर से स्वीकृति मिलने और लगभग 36 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज जमा करने के बाद विद्युतीकरण किया जाता है। साथ ही कालोनी में स्ट्रीट लाइट व कमरों के हिसाब से लोड स्वीकृत कर उतनी क्षमता का ट्रांसफार्मर रखा जाता है।
कालोनी में विद्युतीकरण के दौरान विभाग द्वारा वन प्वाइंट मीटर (ट्रांसफार्मर पर मीटर) लगाया जाता है। इसके बाद एलटी लाइन बिछाई जाती है और मीटर लगाने के बाद कालोनियों में भवन स्वामियों को कनेक्शन देने का प्रावधान है। लेकिन, शहर के राजघाट रोड पर बनने वाली एक कॉलोनी में विभाग द्वारा तय मानकों की अनदेखी कर तीन भवन स्वामियों को बिजली कनेक्शन दे दिए। इसे गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अभियंता प्रशांत सिंह ने अवर अभियंता पंकज मौर्य से स्पष्टीकरण मांगा है। बता दें कि कालोनी में कनेक्शन काफी पहले दिए जा चुके हैं, लेकिन दो दिन पूर्व रात्रि लगभग नौ बजे अधिशासी अभियंता व उपखंड अधिकारी द्वारा उक्त कालोनी का निरीक्षण किया गया, जिसमें पाया गया कि अवर अभियंता द्वारा बिना मानक के कनेक्शन दे दिया है। इस पर अवर अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है।