फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोविंद नगर कॉलोनी में जमीन का कटान रोकने के नहीं इंतजाम

विज्ञापन
गोविंद नगर स्थित कांशीराम आवासीय कालोनी की टूटी पड़ी सड़क - फोटो : LALITPUR
विज्ञापन
ललितपुर। शहजाद नदी के किनारे बनी मान्यवर कांशीराम आवासीय कॉलोनी में बाढ़ के दौरान होने के वाले नुकसान को रोकने के कोई इंतजाम नहीं हैं। पिछले साल आई बाढ़ में कॉलोनी में जगह-जगह जमीन का कटान हो गया था, जो अभी भी उसी हाल में है। अब यदि दोबारा नदी उफनाई तो कॉलोनी को बड़ा नुकसान होना तय माना जा रहा है। इसके बाद भी विभागीय अफसर चुप्पी साधे हैं।
विज्ञापन

निर्धन परिवारों के लिए मान्यवर कांशीराम आवासीय कॉलोनी का निर्माण किया गया। उस दौरान अफसरों ने शहजादी नदी के किनारे गोविंद नगर मोहल्ले में कांशीराम आवासीय कॉलोनी का निर्माण करा दिया। इसका खामियाजा उन लोगों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है, जो वर्तमान में कॉलोनी में रह रहे हैं। जब-जब नदी उफनाती है, तब-तब कॉलोनीवासियों के दिल की धड़कन बढ़ जाती है। पिछले साल अगस्त माह में गोविंद सागर बांध के साइफन ने पानी छोड़ना आरंभ कर दिया था, इससे नदी का पानी बेकाबू हो गया था और उसने कॉलोनी को अपनी चपेट में ले लिया था। जिला प्रशासन को उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा था। जब नदी शांत हुई तो कॉलोनी में जगह-जगह भूमि का कटाव हो गया था।
विशेषकर नदी के किनारे की सड़क का कुछ हिस्सा बह गया था, जो आज भी वैसेेे ही स्थिति में है। इसके अलावा राशन की दुकान के पास बड़ा गड्ढा हो गया है, जिससे कॉलोनी के एक हिस्से के धंसकने का अंदेशा बन गया है। राशन लेने के लिए पहुंचने वाली महिलाएं व बुजुर्ग आए दिन लड़खड़ाकर गिर जाते हैं। आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंचने वाले बच्चों को भी आने-जाने में असुविधा हो रही है, क्योंकि इसका चबूतरा पानी में बह गया था।
विज्ञापन

कमियों को दूर नहीं किया जा रहा
कॉलोनी निवासी राजू ने बताया कि जगह-जगह मरम्मत की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन कमियों को दूर नहीं किया जा रहा है। मुजीब ने बताया कि न तो मिट्टी का पुराव किया गया और न गिट्टी का। चारूनिशा का कहना है कि राशन लेने के लिए जाते समय आए दिन महिलाएं व बुजुर्ग सामग्री के साथ लड़खड़ा जाते हैं और वे नाली व गड्ढे में गिर जाते हैं। गब्बर ने बताया कि नदी किनारे रास्ते का एक हिस्सा पहले धसक चुका है। इससे पेबरब्रिक्स नदी में गिर गए हैं। जब भी कॉलोनी की तरह लोग अपने वाहन के साथ मुड़ते हैं तो कभी भी अनियंत्रित होकर गिरने का खतरा बना रहता है।
केंद्र सरकार की टीम ने गोविंद सागर बांध सहित कॉलोनी का मौका मुआयना किया था। इस दौरान नदी के पानी का डायवर्जन करने की सहमति बनी थी। इसकी डीपीआर बननी है, इसके उपरांत ही निर्माण प्रारंभ हो सकेगा।
विज्ञापन

- मनमोहन सिंह, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड

गोविंद नगर स्थित कांशीराम आवासीय कॉलोनी की खस्ताहाल पड़ी सड़क- फोटो : LALITPUR

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें