ललितपुर। निर्माणाधीन जमड़ार बांध में मनमाने तरीके से हो रहे कार्यों के एग्रीमेंट व वर्कआर्डर की जांच के आदेश जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार ने दिए हैं।
पांच मार्च को अमर उजाला ने बांध पर कागजों में हो रहा काम नाम से खबर प्रकाशित की थी। इस खबर को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने मंगलवार को सिंचाई निर्माण खंड माताटीला द्वारा जमड़ार बांध द्वारा किए गए एग्रीमेंट व वर्कआर्डर की जांच के आदेश दिए हैं। महरौनी तहसील में जमड़ार नदी पर बन रहे बांध की शुरुआत से ही गड़बड़ियों के आरोप लगते रहे हैं। पूर्व अधिशासी अभियंता द्वारा किसानों के मुआवजे का बजट का उपयोग मेंटीनेंस के वर्कआर्डर में कर लिया गया था। इस मुआवजा की बंदरबांट पकड़ में आने पर तत्कालीन अधिशाषी अभियंता पर एफआईआर दर्ज हुई थी। वर्तमान में जमड़ार बांध का काम तेजी से चल रहा है, जिसको लेकर करोड़ों रुपये का बजट जारी हो चुका है। करोड़ों रुपये के टेंडर होने के बावजूद सिंचाई निर्माण खंड माताटीला के अधिशासी अभियंता द्वारा 221 एई एग्रीमेंट व 672 वर्कआर्डर जारी कर दिए गए हैं। वर्ष 213-14 में 51 एग्रीमेंट किए गए व वर्ष 2014-15 में 170 एग्रीमेंट किए गए।
शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई कार्य टुकड़ों में नहीं कराया जाए, इसके बावजूद सिंचाई निर्माण खंड माताटीला द्वारा करोड़ों रुपये का काम टुकड़ों में करा दिया गया। ऐसे में इन कार्यों की जांच के आदेश डीएम ने दे दिए हैं।
एक परिवार पर विशेष मेहरबानी
सिंचाई निर्माण खंड माताटीला द्वारा जमड़ार बांध पर निर्माण कार्य को किए गए एग्रीमेंट को सहायक अभियंता अनुबंध द्वारा वर्कआर्डर का बड़ा हिस्सा केवल एक परिवार की फर्मों को दिया गया। मां, पिता व पुत्र के नाम बनी इन फर्मों को लाखों रुपये के काम दिए गए। डीएम ने इन फर्मों के कार्यों की जांच के आदेश दे दिए हैं। तीनों फर्मों पर अधिशासी अभियंता की विशेष मेहरबानी को लेकर विभाग में भी रोष व्याप्त है।