ललितपुर। शहर की पहचान जलविहार पर्व की तैयारियां जोरों पर हैं। बुधवार को
सभी मंदिरों में शुरू हुआ विमानों की साज-सज्जा का कार्य देर शाम तक चलता
रहा। मंदिरों के पुजारी देवों की पालकी के साथ देवों की आकर्षक पोशाक तैयार
करने में जुटे रहे।
मुहल्ला रावरपुरा स्थित क्षत्रिय स्वर्णकार मंदिर
में जलविहार पर्व को दृष्टिगत रखते हुए श्रीजी के शृंगार के लिए हुनरमंद
लोगों को आमंत्रित किया गया, उनके आने के बाद विमान को आकर्षक रूप देने का
काम शुरू हुआ। इसी तरह, मुहल्ला डोड़ाघाट तालाबपुरा स्थित बालाजी श्रीधाम
मंदिर में विमान के साथ सभी श्रद्धालुजन तैयारियां पूर्ण करने में जुटे
रहे। चौबयाना स्थित श्री रघुनाथ जी मंदिर में खास तैयारियां की जा रही थीं,
बड़े मंदिर का बेड़ा सबसे आगे चलेगा। इस मंदिर से दो विमान निकाले जाने की
परंपरा है।
पालकी में भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न विराजमान
रहेंगे, पीछे क्षत्रिय स्वर्णकार मंदिर के राधा-कृष्ण का विमान, राघवजी
मंदिर से रामजी की पालकी, कंचन घाट हनुमान मंदिर, पंचमुखी मंदिर, बलखंडी
मंदिर के विमान पीछे-पीछे चलेगा। विमान महावीरपुरा, घंटाघर, सावरकर चौक
होते हुए तालाबपुरा स्थित सुम्मेरा तालाब की ओर प्रस्थान करेंगे, जहां
मंगला आरती के साथ पूजा-अर्चन होगा। जलविहार में नगर के लगभग एक सैकड़ा से
अधिक विमान भाग लेंगे। इसके पूर्व कटरा बाजार स्थित गणेश जी की झांकी के
समक्ष महाआरती होगी। कटरा बाजार में झांकी स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया
है।
साहू समाज ने बनाई उत्सव की रूपरेखा
ललितपुर। श्री रामराजा
महाराज विराजमान मंदिर (ट्रस्ट) साहू समाज प्रबंध समिति की बैठक में जल
विहार पर्व की रूपरेखा बनाई गई। वक्ताओं ने कहा कि बृहस्पतिवार को दिन में
दो बजे से विमान का शृंगार, भगवान की आरती, कीर्तन, भजन करते हुए नगर भ्रमण
के बाद सुम्मेरा तालाब पर पहुंचेंगे। बैठक की अध्यक्षता संरक्षक कांशीराम
साहू ने की। इस मौके पर प्रेमनारायण, जयराम, ओमप्रकाश, डा. नितिन, मनोज
कुमार, राजकुमार, मुन्ना लाल, रामकुमार, गोकल, सुरेश, नरेंद्र, मुकेश
उपस्थित रहे।