- चिकित्सा इकाइयों पर चिकित्सा, बिजली, पानी, सफाई व अन्य व्यवस्थाएं सुधारने का 26 जनवरी तक का दिया अल्टीमेटम
- प्रधानाचार्य और सीएमओ चिकित्सकों व अधीनस्थ स्टाफ के कार्यों की करें सघन निगरानी
- बच्चे को समय पर हेपेटाइटिस बी का टीका न लगने पर चिकित्सक व कर्मचारियों के विरुद्ध हो कानूनी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। मंडलायुक्त व नोडल अधिकारी विमल कुमार दुबे ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि समाचारों का प्रकाशन बार-बार होना यह दर्शाता है कि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है और अफसर इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, पूरे मंडल में ललितपुर की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सबसे अधिक खराब है।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य व सीएमओ को निर्देश दिए कि वे अपने चिकित्सकों व अधीनस्थ स्टाफ के कार्यों की सघन निगरानी करें। 26 जनवरी तक का अल्टीमेटम देते हुए निर्देश दिए कि जिले की सभी चिकित्सा इकाइयों पर चिकित्सा, बिजली, पानी, सफाई सहित सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा ली जाएं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल सहित जिले की सभी चिकित्सा इकाइयों पर फीडबैक सिस्टम लगवाया जाए, ताकि लोग फीडबैक के जरिए बता सकें कि उन्हें यहां आने पर कैसा लगा, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि जनता हमारे बारे में क्या सोचती है। मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि जिला स्तरीय अधिकारियों की एक टीम बनाकर 26 जनवरी तक कम से कम 4-4 बार चिकित्सा इकाइयों का निरीक्षण कराएं और व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन कराते हुए रिपोर्ट प्रेषित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सा इकाइयों पर बच्चे के जन्म के 24 घंटे के भीतर हेपिटाइटिस बी का टीका लग जाना चाहिए, यदि कहीं पर निर्धारित समय में बच्चे को टीका नहीं लगाया जा रहा है तो ऐसे चिकित्सक व कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान जनपद के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में हो रही आपूर्ति पर मंडलायुक्त ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आए दिन किसानों के द्वारा सिंचाई के लिए बिजली की अनुपलब्धता की शिकायतें आती रहती हैं, क्षेत्र में या तो बिजली कुछ ही समय आती है या कम वोल्टेज के कारण सिंचाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन क्षेत्र में की जा रही आपूर्ति, वोल्टेज और ट्रांसफार्मर बदले जाने के कार्यों की निगरानी करें और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से उनका सत्यापन भी कराए, जहां समस्या आ रही हैं उन क्षेत्रों की सूची बनाकर टीम लगाकर निस्तारण सुनिश्चित कराएं। इसके साथ ही आपके विभाग के सभी कार्यों से संबंधित एक प्रजेंटेशन बनाकर उपलब्ध कराएं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि कहा कि यदि आपके कार्यालय से कोई जनता का व्यक्ति असंतुष्ट होकर जा रहा है तो यह आपके दायित्वों की पूर्ति में लापरवाही को दर्शाता है, यदि व्यक्ति की समस्या का समाधान आपके विभाग से संभव नहीं है तो उसका सही मार्गदर्शन करें और संबंधित अधिकारी से वार्ता कर आवेदक को उनके कार्यालय पहुंचाएं, ताकि आवेदन आपके यहां से संतुष्ट होकर जाए। इसके साथ ही प्रत्येक अधिकारी अपने मोबाइल में आईजीआरएस पोर्टल एप डाउनलोड कर प्रतिदिन शिकायतों का स्वयं संज्ञान लें, ताकि जनशिकायतों का प्रभावी निस्तारण किया जा सके।
उन्होंने डीएम को निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक को स्लॉट्स में आयोजित कराएं, जिसमें सभी विभागीय अधिकारियों से उनके विभाग के पोर्टल खुलवाकर देखे जाएं कि वे उनका संचालन कर पा रहे हैं या नहीं। अधिकारियों द्वारा बताई गई स्थिति और क्षेत्र की वास्तविक स्थिति क्षेत्र की जनता व वहां के जनप्रतिनिधियों से जानी जाए। सिंचाई विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि क्षेत्र में किसानों द्वारा टेल तक पानी न पहुंचने की शिकायतें की जा रही हैं, उन्होंने अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए कि नहर परियोजनाओं के अंतिम ग्रामों को प्राथमिकता पर लेते हुए उनमें जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए, ताकि किसान खेतों की सिंचाई समय से कर सकें। जल जीवन मिशन के अंतर्गत मंडलायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, उन्होंने अधिशासी अभियंता को तलब करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे ग्रामों का निरीक्षण कर उनकी सूची उपलब्ध कराएं ताकि रुटमैप बनाकर उन पर कार्य किया जा सके। बैठक में ज्वाइंट कमिश्नर सुरेश चंद्र केसरवानी, मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान, अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे राकेश श्रीवास्तव, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौातम सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ इंतियाज अहमद, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ मयंक शुक्ला,सीएमओ डॉ इम्तियाज अहमद आदि मौजूद रहे।
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किसानों का मूंगफली का भुगतान शीघ्र कराएं
कृषि विभाग की समीक्षा में मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि फसल बीमा के प्रकरणों में बिना टीए और लेखपाल के हस्ताक्षर के कोई भी क्लेम पास नहीं होना चाहिए, यदि ऐसा मामला संज्ञान में आया तो संबंधित बैंक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उप निदेशक कृषि व जिला कृषि अधिकारी इसकी सघन निगरानी करें। मूंगफली किसानों के भुगतान के प्रकरण में उन्होंने एआर कॉपरेटिव को निर्देश दिए कि शासन से 10 करोड़ की धनराशि भेजी गई है, इसे जल्द से जल्द किसानों के खातों में भेजने की कार्रवाई करें।