ललितपुर। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर सुधारने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत जल्द की जाएगी। इसके तहत एएनएम, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकत्री को ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ग्रामीण स्वास्थ्य व पोषण दिवस योजना की हकीकत जानने के लिए पिछले दिनों शासन ने विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों से सभी जनपदों का भ्रमण कराया था। निरीक्षण के बाद विशेष सचिवों द्वारा दी गई रिपोर्ट में बताया गया कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का बहुत निम्न स्तर है। इसका सबसे बड़ा कारण एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जानकारी का अभाव होना है। रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए शासन ने एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। अब इन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
योजना के तहत पहले जिला स्तर के अधिकारियों को लखनऊ में दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिर इन प्रशिक्षकों द्वारा जनपद स्तर पर ब्लॉक स्तर के प्रशिक्षण अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ब्लॉक स्तर पर आयोजित तीन दिवसीय शिविर में एनएनएम को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस शिविर में एएनएम को ब्लड प्रेशर की जांच, खून व पेशाब की जांच, वजन और पेट की जांच, खतरे वाली गर्भवती महिलाओं के चिह्नीकरण के बारे ट्रेनिंग दी जाएगी। इसी प्रकार आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ग्रोथ चार्ट भरना, कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान, ड्यू लिस्ट भरना आदि के संबंध में ट्रेनिंग दी जाएगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को 31 दिसंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
शिविर की होगी मॉनिटरिंग
पूरे प्रशिक्षण की मॉनिटरिंग के लिए कमिश्नर व जिलाधिकारी को शिविरों का संचालन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशिक्षण शुरू करने के पहले बैठक का आयोजन कर संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष के अलावा पोषण मिशन के तहत गांवों को गोद लेने वाले अधिकारियों को बुलाया जाएगा। इस बैठक में पूरे कार्यक्रम के बारे में बताया जाएगा।
उपलब्ध कराई जाएगी जगह
बहुत से गांवों में स्वास्थ्य व पोषण दिवस के आयोजन के लिए समुचित स्थान की व्यवस्था नहीं है। इस कारण से इन दिवसों का आयोजन केवल औपचारिकता रह गया है, जिससे टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, पोषाहार वितरण करने आदि में परेशानी आती है। इस परेशानी को देखते हुए जिला पंचायत राज विभाग व ग्राम प्रधान को विशेष सहयोग देने के लिए निर्देशित किया जाएगा, जिससे गांव में स्वास्थ्य जांच व पोषाहार वितरण के लिए उचित जगह का प्रबंध हो सके।