ललितपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम दिनेश कुमार शर्मा की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप में दोष सिद्ध पाते हुए अभियुक्त को सात वर्ष कैद की सजा सुनाई।
एक महिला ने 19 अगस्त 2014 को थाना पूराकलां में तहरीर देते हुए बताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री खेत पर चारा काटने गई थी। ग्राम नत्थीखेड़ा निवासी मंगल सिंह ने पुत्री को पकड़ लिया और उसके साथ बलात्कार किया। चीखने-चिल्लाने और किसी को भी उक्त के संबंध में बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
देर शाम घर पहुंचने पर उसकी पुत्री ने मां को घटना की जानकारी दी। इस पर उसने दूसरे दिन थाना पूरा कलां में तहरीर देकर मंगल सिंह के खिलाफ बलात्कार, धमकी देने और पास्को एक्ट के तहत मामला पंजीकृत कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए।
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम दिनेश कुमार शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों, साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर उक्त मामले की सुनवाई करते हुए अभियुक्त मंगल सिंह पर नाबालिग के साथ बलात्कार करने के अपराध मेें शुक्रवार को दोष सिद्ध करार दिया। सोमवार को न्यायाधीश ने सजा के प्रश्न पर सुनवाई की।
उन्होंने आरोपी को सात वर्ष की कैद तथा दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने की।