ललितपुर। थाना मड़ावरा क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर मेें एक ग्रामीण ने शुक्रवार देर रात में पत्नी की मौत के गम में फांसी लगाकर जान दे दी। जानकारी मिलने पर मड़ावरा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के अनुसार पत्नी ने भी बीमारी के चलते तीन महीने पहले कीटनाशक का सेवन करके जान दी थी।
थाना मड़ावरा क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर निवासी रामनरेश (40) पुत्र सूके कुशवाहा शुक्रवार शाम को खेत में काम करने के बाद घर लौटा और गांव वालों और परिवार के संग बातें भी करता रहा। रात को करीब दस बजे खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया। शनिवार सुबह जब वह काफी देर तक काफी देर तक नहीं उठा तो बेटे अमर सिंह ने उसे आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। दरवाजे की कुंडी बंद होने से उसने कमरे के टिन शेड पर चढ़कर अंदर प्रवेश किया। उसने देखा कि कमरे में टिनशेड की बल्ली पर रस्सी के फंदे पर उसका शव लटक रहा था। जिसके बाद बेटे ने अंदर से कुंडी खोली तो परिजनों में कोहराम मच गया। जानकारी मिलने पर मड़ावरा पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के मंझले भाई रमेश ने बताया कि रामनरेश की पत्नी हल्लीबाई ने टीबी की बीमारी से तंग आकर आठ नवंबर को कीटनाशक का सेवन करके आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद से ही रामनरेश कहता था कि वह पत्नी के बिना नहीं जी पाएगा और वह जल्द ही उसके पास चला जाएगा। परिजन उसे समझाते भी थे, लेकिन वह पत्नी के बिना खुद को अधूरा समझने लगा। इस वजह से उसने फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक के दो बेटे हैं और वह चार भाइयों में तीसरे नंबर का था।
छह महीने दिल्ली में मजदूरी और छह महीने आकर खेती भी संभाल लेते थे
मृतक के भाई रमेश कुशवाहा ने बताया कि उसका भाई रामनरेश और उसकी पत्नी हल्लीबाई दोनों दिल्ली में मजदूरी करते थे और छह महीने बाद घर लौटकर खेतीबाड़ी भी संभाल लेते थे। उसके हिस्से में लगभग दो एकड़ खेती है।