ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (डकैती) निर्भय प्रकाश की अदालत ने महरौनी क्षेत्र के ग्राम छापछौल में तीन वर्ष पहले दहेज की खातिर बहू की हत्या में दोषी पति और सास-ससुर को आजीवन कारावास और 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
कोतवाली महरौनी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बम्हौरी बहादुर सिंह निवासी गनेशी लाल कुशवाहा ने महरौनी थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बेटी रानी की शादी 16 जून 2018 को भगतराम कुशवाहा पुत्र नाथूराम के साथ की थी। ससुरालीजन दहेज से संतुष्ट नहीं थे। होली पर बेटी को लेने ससुराल गया तो भगतराम, नाथूराम, राजाराम, गौरा व आरती ने कहा कि दहेज में तीन लाख रुपये दोगे तो बेटी को भेजेंगे, नहीं तो मार देंगे और भगतराम की दूसरी शादी करा देंगे। यह बात उसने अपने गांव के निवासी और भगतराम के मामा वृंदावन, लछूू व दिनेश को बताई तो उन्होंने भी भगतराम का ही पक्ष लिया और गाली गलौज की।
साथ ही कहा कि वह तीन लाख दे दे, तभी उसकी बेटी चैन से रह पाएगी। नहीं तो वह लोग भगतराम की दूसरी शादी कर देंगे। 23 मार्च 2019 की रात नौ बजे उसकी बेटी ने फोन करके कहा कि ससुराल वाले उसे मारकर फांसी पर लटकाने की बात कर रहे हैं। यदि उसे जीवित देखना चाहते हो, तो तीन लाख रुपये ससुरालियों को दे दो। बात करने के बीच ही किसी ने उससे मोबाइल छीनकर बंद कर दिया।
24 मार्च की शाम साढ़े चार बजे उसे सूचना मिली कि बेटी ससुराल में मर गई है। ससुरालियों ने फांसी लगाकर आत्महत्या करना बताया। जबकि उसकी बेटी की हत्या की गई है। साक्ष्य मिटाने के लिए उसके शव को फांसी पर लटका दिया। थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए तीन हत्यारोपियों पति भगतराम, सास गौरा और ससुर नाथूराम के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश तिवारी ने बताया कि मंगलवार को न्यायाधीश ने मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए मृतका के पति, सास और ससुर को दहेज हत्या के मामले में दोषी पाया और तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास और कुल 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।