ललितपुर। श्री अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्र क्षेत्रपाल मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि सुधा सागर महाराज ने कहा कि दुनिया का हर व्यक्ति चाहता है कि वह शांतिमय, सुखमय और निरोगता का जीवन जिए, लेकिन हम इस तरह का जीवन नहीं जी पा रहे हैं।
मुनि श्री ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित होकर आज का युवा प्रकृति के विरुद्ध जीवन जी रहा है। रात सोने के लिए और दिन अपने सपनों को पूरा करने के लिए है पर आज युवा रात को जागता है और सुबह देर से उठता है। भारतीय संस्कृति की चर्चा करते हुए कहा कि सूर्योदय से पहले उठना शगुन माना जाता है इससे हमारे मन वचन और कार्य तीनों पवित्र होते हैं। सुबह जल्दी स्नान से शरीर, शुद्धि वचनों से परमात्मा की पूजा आदि से मन को शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि उगते सूर्य को देखने से हमें बहुत सारी ऊर्जा मिलती है और अनेकों बीमारियां दूर हो जाती हैं, पर आज हमारी दिनचर्या ही बिगड़ गई। रात्रि को देर से सोना और सुबह देर से जागना आज फैशन बन गया है, जबकि प्रकृति के कुछ नियम हैं कि हर कार्य को नियत समय पर ही करना चाहिए।
मुनिश्री ने घर के अंदर होने वाले क्रियाकलापों की चर्चा करते हुए कहा कि घर के अंदर किए जाने वाले हर कार्य का नियत स्थान हैं। कहां पूजा कर अपने मन को शुद्ध करना, कहां भोजन करना, कहां सोना कहां जूते चप्पल रखना, कहां निहार करना कहां कुबेर का स्थान, कहां पानी का स़्त्रोत, यहां तक कि कहां गुस्सा यानी कोप भवन सब निर्धारित हैं, पर आज का मानव मनमानी कर रहा है। मुनि पुंगव के मुखारविंद से अभिनंदन नाथ भगवान की शांतिधारा का सौभाग्य आनंद कुमार, अमित, अंकित पंचमनगर, रवींद्र कुमार चंदावली एवं हिसार वालों को प्राप्त हुआ। धर्मसभा का संचालन महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया ने किया।
संतों का जीवन न प्रकृति के अनुसार
मुनि सुधा सागर महाराज ने कहा कि संतों का जीवन प्रकृति के अनुसार होता है। हमारे गुरुवर आचार्य विद्यासागर महाराज ने दीक्षा के समय से ही कभी भी रात्रि में लाइट का प्रयोग नहीं किया। शाम को ध्यान के समय जिस तखत पर बैठ गए सुबह ही उस स्थान से उठते हैं, नियत समय पर आहार विहार और निहार, दिन में नियत समय 24 घंटे में एक बार भोजन उसमें भी फल, मेवा, सब्जी, नमक, शक्कर, दूध का आजीवन त्याग मात्र बहुत ही सात्विक भोजन करते हैं उसके बावजूद जीवन भर पैदल चलते हाथों से अपने केशों को उखाड़ते, इतनी कठिन चर्या के बावजूद अपने व्रतों के प्रति उत्साह और उमंग और चेहरे पर बेपनाह प्रसन्नता और मुस्कराहट जिसको देखकर लाखों लोगों को नवीन जीवन की प्रेरणा मिलती है।
संतशाला का किया शिलान्यास
बृहस्पतिवार सुबह दिगंबर जैन पार्श्वनाथ मंदिर इलाइट क्षेत्र में नियार्पक मुनि पुंगव सुधा सागर महाराज, मुनि पूज्य सागर महाराज, एलक धैर्यसागर महाराज, क्षुल्कक गंभीर सागर महाराज के मंगल सानिध्य में भव्य संतशाला का शिलान्यास किया गया। जिसके पुण्यार्जक परिवारों में अनिल कुमार डोंगरा, सतीश जैन बंटी, आनंद, प्रवीन कुमार, , डॉ. डीके जैन, वीरेंद्र, राजकुमार मोदी, पवन कुमार, डॉ.अवनी कडंकी, शीलचंद्र, विनोद कुमार, पूरन चंद, नवीन, जिनेंद्र, राकेश वैद्य, रवि रतन बजाज, राहुल खजुरिया, नीतेश ,अमित जैन, प्रदीप, अनिल जैन नीलू, विजय कुमार आदि ने उक्त कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दिखाई। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्मचारी प्रदीप भैया ने किया।
आहारदान का सौभाग्य मिला
निर्यापक मुनि सुधासागर महाराज को आहारदान का सौभाग्य भगवानदास, राजेश कैलगुवा एवं मुनि पूज्य सागर महाराज को आहारदान अनीता जैन, सौरत भर जैन सहेली नीपिरी परिवार, एलक धैर्यसागर महाराज को आहारदान पंकज परिवार एवं क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज को आहार दान अमित जैन शास्त्री परिवार को मिला।