संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। भूमि संरक्षण विभाग के खिलाफ 12 दिन से पीड़ित अनशन पर बैठे हुए हैं। अनशन के दौरान सभासद और कुछ संगठनों का साथ भी मिला। जिला प्रशासन द्वारा कोई सुनवाई न होने पर सभासद व एक अन्य ने अनशन स्थल पर मुंडन कराया। यह जानकारी लगते ही जिला प्रशासन ने भ्रष्टाचार की जांच के लिए जिला विकास अधिकारी, एसडीएम और सांख्यिकी अधिकारी की एक समिति गठित की है।
भूमि संरक्षण विभाग में दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने, खेत तालाब परियोजना में लाभार्थी कृषकों के खातों को बदलकर दलालों के खाते में डालकर आवंटित धनराशि में भ्रष्टाचार करने आदि का आरोप लगाते हुए ग्राम चढ़रऊ के किसान एवं अन्य ने 21 मार्च को उपकृषि निदेशक कार्यालय के बाहर अनशन शुरू कर दिया। तीन दिन तक अनशन के बाद सुनवाई न होने पर घंटाघर स्थित नगर पालिका परिसर के मैदान में बैठकर लगातार धरना दे रहे थे।
12 दिनों से धरना देने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मुंडन कराते हुए विरोध करने का निर्णय लिया। मंगलवार को सभासद मनमोहन चौबे और सीताराम पटेल ने मुंडन कराते हुए अपना विरोध जताया।
ग्राम चढ़रऊ निवासी पंकज पटेल एवं सभासद मनमोहन चौबे ने आरोप लगाया कि भूमि संरक्षण विभाग में दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करते हुए खेत तालाब परियोजना में लाभार्थी कृषक के खातों को परिवर्तित कर करोड़ों की धनराशि में भ्रष्टाचार किया गया है। उन्होंने परियोजना रमपुरा कटवर, चुंगी, धनगोल, कंधारीकलां, झांवर, खांदी की पत्रावली की जांच कराने की मांग की।
इसके अलावा बहुउद्देशीय आजीविका सरोवर ग्राम दूधई डुंगरिया विकास खंड बिरधा एवं ग्राम सीरोनकलां का स्थलीय निरीक्षण किए जाने की मांग की। आरोप लगाया कि कई बार शिकायती पत्र दे चुके, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
एसडीएम, डीडीओ व सांख्यिकी अधिकारी की टीम करेगी जांच
धरना स्थल पर मुंंडन कराने की सूचना मिलने पर एसडीएम सदर चंद्रभूषण प्रताप सिंह, डीडीओ अतिरंजन और सांख्यिकी अधिकारी राजेश कुमार पहुंचे और अनशनकारियों की समस्याएं सुनते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद अनशनकारी मान गए और अनशन समाप्त किया। इस दौरान हरीबाबू शर्मा, हरपाल सिंह पटेल, अवनीश सुल्लेरे, अभिषेक बाजपेयी, सुरेंद्र सिंह परमार आदि शामिल रहे।