संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। किसान और आम लोग होलिका दहन पर गेहूं की बालियां भी सेंकते हैं। हलछठ के दिन धनदा लक्ष्मी के रूप में इसका पूजन किया जाता है।
होली तक फसलें पककर तैयार हो जाती हैं। इसी से जुड़ी एक परंपरा यह भी है कि होलिका दहन के दिन किसान गेहूं की बालियाें को खेतों से उखाड़कर लाते हैं। रात्रि में होलिका दहन में गेहूं की बालियों को सेंकते हैं।
माना जाता है कि पूर्व में किसान गेहूं की इन बालियों को होलिका की अग्नि में सेंकने के बाद उसका उपभोग करते थे। वहीं, होलिका की अग्नि में गेहूं की बालियों को सेंकने के बाद हलछठ के दिन धनदा लक्ष्मी के रूप में इनका पूजन किया जाता है। यह परंपरा अब भी जिंदा है।