संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। युवक का अपहरण और दस लाख की फिरौती मांगने के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दिया किया है। पुलिस के अनुसार युवक ने अपनी बहन के साथ मिलकर परिजनों से रुपये ऐंठने को स्वयं के अपहरण का नाटक रचा था। पुलिस ने आरोपी भाई-बहन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
थाना तालबेहट अंतर्गत ग्राम सेरवास हाल थाना बानपुर के कैलगुवां निवासी माखन रजक की पत्नी ने 26 मई को महरौनी पुलिस को पति के गुमशुदा होने की सूचना दी थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। हरीराम ने पुलिस को बताया था कि उसके भाई माखन का अपहरण हुआ है। अपहरणकर्ताओं ने दस लाख रुपये न देने पर हत्या करने की धमकी दी है। महरौनी पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने एसओजी, सर्विलांस, साइबर क्राइम थाना व कोतवाली महरौनी की चार टीमें गठित कीं। टीमों ने अपहरणकर्ता के मोबाइल की लोकेशन सहित सीडीआर व अन्य प्रकार की जांच की। पुलिस टीमों के हाथ महत्वपूर्ण सुराग लगे।
कड़ियों को जब आपस में जोड़ा गया तो सच सामने आ गया। माखन ने अपहरण का नाटक अपनी बहन शीला के साथ मिलकर रचा था। पुलिस ने माखन रजक व उसकी बहन को बुधवार को ग्राम छपरट में पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। माखन ने बताया कि वह 20 वर्षों से अपनी ससुराल ग्राम कैलगुंवा में रह रहा है। उसके ससुर ने उसके नाम दो एकड़ जमीन भी कर दी थी। कुछ दिन पूर्व उसका अपने ससुर से विवाद हो गया था। ससुर व भाई से रुपये ऐंठने के लिए अपने अपहरण का नाटक करने की योजना बना रहा था, इसमें बहन को भी शामिल कर लिया था।
24 मई को उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया। परिवार वालों से संपर्क नहीं किया। 28 मई को उसने एक लेटर लिखवाया, जिसमें 10 लाख रुपये की मांग की गई थी। रुपये न देने पर अपहरण कर्ताओं द्वारा उसे जान से मारने की धमकी की बात लिखी गई थी। लेटर पर उसने अपने हस्ताक्षर कर दिए थे, जिससे घर वालों को यकीन हो जाए कि उसका अपहरण हुआ है। रात के अंधेरे में उसने अपने घर के दरवाजे पर लेटर चिपका दिया था। इसके बाद सुबह फोन करके काल पर 10 लाख रुपये मांगे और न देने पर हत्या की बात कही।
दो से चार जून के बीच रुपयों को सुकवा डुकवा क्षेत्र में लाने की बात अपने ससुर व भाई को कही थी। उसे पता था कि उसके भाई व ससुर उसे छुड़ाने के एवज में 10 लाख रुपये दे देंगे। उक्त रुपयों से वह दूसरी जगह मकान बना लेगा, लेकिन पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपी भाई-बहन को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। एसपी ने पुलिस टीमों को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की।
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बहन ने दिलाई नई सिम और मोबाइल
माखन ने प्लानिंग के अनुसार अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था। उसकी बहन शीला ने उसे एक नई सिम व नया मोबाइल दिलाया था। उक्त नए मोबाइल व सिम के जरिये ही उसने परिजनों से बात कर फिरौती की रकम मांगी थी।
कई माह से रच रहा था षड्यंत्र: भाई व ससुर से रुपये ऐंठने के लिए माखन कई माह से अपने अपहरण करने का षड्यंत्र रच रहा था। ससुर से विवाद व ससुराल में रहने की बात कहते हुए उसने अपने इसमें अपनी बहन शीला को शामिल कर लिया था।
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इस टीम को मिली सफलता
अपहरण के नाटक का खुलासा करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक महरौनी रमेशचंद्र मिश्र, एसओजी प्रभारी राहुल राठौर, सर्विलांस प्रभारी कुलदीप राणा, साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक मुनीस भारती आदि शामिल रहे।