ललितपुर। गल्ला मंडी में चोरियों का खुलासा होने के बाद अब मंडी समिति सुरक्षा के लिए नए गार्डों की तलाश में जुट गई है। छह पीआरडी जवानों के सापेक्ष मंडी समिति को मात्र दो पीआरडी जवान ही मिलने फिलहाल मंडी की सुरक्षा पुरानी व्यवस्था के हिसाब से की जा रही है।
वहीं, गल्ला मंडी में बड़े व्यापारियों ने भी प्राइवेट गार्डों द्वारा सुरक्षा को चौकस कर दिया है।
गल्ला मंडी में साढ़े चार सौ दुकानों के माध्यम से आढ़तियां गल्ला का कारोबार करते हैं। गल्ला मंडी में रोजाना हजारों क्विंटल जिंस की आवक होती है। इससे इन दुकानों से जहां आढ़तियों का व्यापार फलता-फूलता है, वहीं लगभग साढ़े तीन हजार पल्लेदारों व अन्य सैकड़ों मजदूरों को भी रोजी-रोटी का सहारा मिलता है।
इसके अलावा यहां रोजाना डेढ़ से दो सैकड़ा हाथ ढेला, लोडिंग टैक्सी, पिकअप आदि वाहनों के माध्यम से व्यापार संचालित होता है, जो इन लोगों की कमाई का जरिया है।
लेकिन, गत दिनों गल्ला मंडी में होने वाली चोरियों से व्यापारियों और मजदूरों में असंतोष व असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है। गल्ला मंडी में चोरियों का खुलासा कराने व सुरक्षा को लेकर मंडी में चौकसी बढ़ाने की मांग को लेकर व्यापारियों ने पांच दिन तक व्यापार बंद रखकर पुलिस प्रशासन पर दबाव भी बनाया।
ऐसे में पुलिस प्रशासन ने मंडी में दुकानों से होने वाली चोरियों का खुलासा कर व्यापारियों में जहां विश्वास जगाया, वहीं पुलिस प्रशासन की पहल पर गल्ला मंडी की सुरक्षा को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। पहले चरण में आढ़तियों की दुकानों में काम करने वाले पल्लेदारों का पंजीयन और पुलिस सत्यापन आवश्यक कर दिया है। इसके अलावा मंडी की दुकानों में भरे हजारों क्विंटल जिंस की सुरक्षा भी सशस्त्र पीआरडी जवानों के हवाले किए जाने का निर्णय लिया गया है।
सशस्त्र पीआरडी जवानों की तैनाती से पहले मंडी समिति फिलहाल लाठीधारी पीआरडी जवानों की तलाश में जुटी हुई है। मंडी सचिव अनिल कुमार ने युवा कल्याण विभाग से छह लाठीधारी जवान उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। इस पर मंडी समिति को दो सुरक्षा गार्ड मुहैया करा दिए गए हैं, जबकि चार पीआरडी जवानों के शीघ्र मिलने की उम्मीद जताई गई है। वहीं, मंडी समिति के पास पांच सुरक्षा गार्ड पूर्व से मौजूद हैं।
इस प्रकार वर्तमान में मंडी समिति ने सात गार्डों को गल्ला मंडी की सुरक्षा के लिए विभिन्न चिह्नित स्थानों पर तैैनात कर दिया है। इसके अलावा लगभग एक दर्जन गल्ला व्यापारियों द्वारा प्राइवेट गार्डों के माध्यम से भी सुरक्षा कराई जा रही और चौकसी भी बढ़ा दी गई है। मंडी सचिव ने गल्ला व्यापारियों के साथ सुरक्षा का खाका भी तैयार किया है। जल्द ही इसे मूर्त रूप दे दिया जाएगा।