रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले कुली, वेंडर्स सफाई कर्मचारियों के चरित्र और आपराधिक प्रकृति की संलिप्तता का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके लिए कुली, वेंडर्स या सफाई कर्मचारियों से उनके वार्ड के पार्षदों से चरित्र का प्रमाण पत्र भी लिया जा रहा है। ताकि मुहल्ले में उनकी गतिविधियों की सही जानकारी ली जा सके।
ललितपुर रेलवे स्टेशन पर आठ कुली और 11 वेंडर्स रजिस्टर्ड हैं। जबकि रेलवे स्टेशन पर वेंडर्स के नाम पर कई अवैध वेंडर्स भी काम करते नजर आते हैं और इस प्रकार के अवैध वेंडर्स की मदद से स्टेशन क्षेत्र या ट्रेनों में कई प्रकार के अपराधों को अंजाम दिया जाता है। इसे रोकना जीआरपी और आरपीएफ के लिए बड़ी चुुनौती साबित होती है। अधिकांशत: पाया जाता है कि कोच अटेंडेंट, कुली, वेंडर्स व सफाई कर्मचारियों की स्टेशन या ट्रेनों में होने वाले अपराधों में संलिप्तता की संभावना बनी रहती है। कई स्टेशनों पर इस प्रकार के अपराधों में कुली, वेंडर्स आदि की संलिप्ता होने के चलते जीआरपी ने इन कुली, वेंडर्स व ठेकेदारी पर रखे कर्मचारियों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। एडीजी रेलवे लखनऊ के आदेश पर ललितपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत जीआरपी थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कुली, वेंडर्स आदि का सत्यापन के लिए अभियान भी शुरू कर दिया है। इसमें साठ फीसदी सत्यापन हो भी चुका है, बाकी सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। जीआरपी थानाध्यक्ष ने बताया कि उनकी टीमों द्वारा सत्यापन कराने के साथ ही कुली, वेंडर्स व सफाई कर्मचारियों या अन्य प्रकार के निजी रूप से काम करने वाले कर्मचारियों का स्थानीय स्तर पर उनके वार्ड के पार्षदों से लिखा चरित्र प्रमाण पत्र भी लिया जा रहा है। साथ ही कुलियों और वेंडर्स से उनके सभी प्रकार के जरूरी दस्तावेज आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र आदि भी लिए गए हैं।
धरपकड़ के लिए बनाई टीमें
जीआरपी थानाध्यक्ष ने बताया कि रेलवे स्टेशन व ट्रेनों में यात्रियों के साथ होने वाली चोरी, जहरखुरानी आदि अपराधों पर नियंत्रण करने के लिए इसमें संलिप्त अपराधियों को चिह्नित किया जाना है। इसके लिए टीमों का गठन किया गया है और उन्हें उन अपराधों के लिए टास्क भी सौंपा गया है। इसके साथ ही ट्रेन या स्टेशन पर अपराधों को अंजाम देने वाले पुराने अपराधियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ललितपुर से बीना और तालबेहट के बीच झुग्गियां नहीं है, यदि स्टेशनों के आसपास या रेलवे लाइन के किनारे ऐसे कोई भी अवैध रूप से अस्थाई तौर पर कई दिनों तक एक साथ ठहरता है तो उसका भी प्रक्रिया के तहत पूर्ण सत्यापन कराया जाएगा।