संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। वर्ष 2023 में कृषि विभाग द्वारा किए गए चना बीज वितरण में घोटाले का मामला जांच तक सीमित होकर रह गया। तीन अगस्त को शासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम गांव-गांव पहुंची थी, जहां लाभार्थियों से क्लस्टर के बीज वितरण की जानकारी ली थी।
कृषि विभाग द्वारा क्लस्टर योजना के अंतर्गत एक हजार हेक्टेयर में चना के बीज का प्रदर्शन किया जाना था। इसके लिए 800 क्विंटल चना के बीज का वितरण किया गया था। विभाग ने चना बीज वितरण में अनियमितताएं की थीं। दस डिसमिल जमीन के काश्तकार को कागज पर ही 1.60 क्विंटल बीज दे दिए गए। जब टीम जांच करने मौके पर पहुंची तो वहां खेत पर फसल ही नहीं दिखी। कई किसानों को बीज दिए ही नहीं गए, साथ ही एक परिवार में कई किसानों को वितरण दिखाया गया था। बिना सत्यापन के अनुदान राशि भी दे दी गई। जांच के दौरान तक सब्सिडी की राशि का भुगतान कर दिया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने शासन को पत्र लिखा था। इसके बाद शासन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए थे। शासन की टीम के अध्यक्ष अपर निदेशक कृषि बीज एवं प्रक्षेत्र एके सिंह, सदस्य संयुक्त कृषि निदेशक एलबी यादव व जिलाधिकारी द्वारा नामित अधिकारी को सदस्य नियुक्त किया था।
टीम ने तीन अगस्त 2024 को मामले की जांच की थी। चना बीज वितरण वाले लाभार्थियों के गांव पहुंची टीम ने किसानों से जानकारी ली थी। दो दिन जांच के बाद पांच अगस्त को टीम वापस हो गई थी। तब से अब तक मामला ठंडे बस्ते में बना हुआ है।
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बदल दिए थे चयनित गांव
कृषि विभाग ने क्लस्टर के अंतर्गत 800 क्विंटल चना का बीज वितरण के लिए 18 गांव चयनित किए थे। लेकिन, जिम्मेदारों ने चयनित 18 गांव की जगह 21 नए गांव को जोड़ दिया था। हद तो तब हो गई जब चयनित 11 गांव तक को सूची से बाहर कर दिया।