बांसी। कथा व्यास मुरारी दास जी महाराज ने कहा कि जब तक भगवान को अभिमान रूपी गांठ से बांधते रहोगे, तब तक भगवान बंधने वाले नहीं। जबकि, प्रेम रूपी गांठ से भगवान स्वयं बंध जाते हैं। वह सोमवार को श्री हनुमान टौरिया मंदिर प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा का वर्णन कर रहे थे।
कथा व्यास ने भगवान की माखन चोरी की लीला का वर्णन किया गया। श्रीकृष्ण ने देवराज इंद्र का अभिमान दूर करते हुए गिरिराज पर्वत को धारण किया। उन्होंने कहा कि अगर भगवान पर अटल विश्वास है तो संकट रूपी आंधी और तूफान आपका बाल बांका नहीं कर सकता। गिरिराज जी को छप्पन भोग लगाया गया। कहा कि अपने बच्चों को बचपन से ही संस्कारवान बनाएं। उन्हें अपने माता-पिता, दादा-दादी का सम्मान करना सिखाएं। इस मौके पर कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।