ललितपुर। राष्ट्रीय जन चेतना मंच के तत्वावधान में जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने कहा कि समाजवाद की आड़ में वैभव की राजनीति हो रही है। उन्होंने सामाजिक एवं व्यवस्था परिवर्तन पर जोर दिया।
घंटाघर के पास स्थित जिला कार्यालय में जनचेतना मंच के संयोजक राजेंद्र रजक ने कहा कि आजादी के बाद समाजवाद का ध्वज डा. राममनोहर लोहिया ने थामा और इसे कर्पूरी ठाकुर ने आगे बढ़ाया। वर्तमान में समाजवाद का रूप बदल गया। जो लोग गरीबों की बात करते थे, अब उन्हें वैभव की राजनीति रास आ रही है। सैफई में फिल्मी कलाकारों के डांस पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं तो रामपुर में विक्टोरिया बग्घी लुभा रही है।
अब समय आ गया है कि युवा वैभव की राजनीति से हटकर लोहिया, जयप्रकाश और कर्पूरी ठाकुर के समाजवाद को स्वीकारें, जिससे देश का भला हो सके। शब्बीर खां बिरधा ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहने के बाद भी कच्चे झोपड़े में रहे, जिसे सरकार ने स्मारक घोषित कर दिया।
वहीं, आज के समाजवादियों ने करोड़ों व अरबों की संपत्ति बना ली है। रतिराम पटेल ने कहा कि कुप्रथाओं के खिलाफ आंदोलन चलाने की जरूरत है, जिससे समाज और देश प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सके। शिखरचंद मुफलिस ने सामाजिक एवं व्यवस्था परिवर्तन के लिए शंखनाद फूंकने का आह्वान किया।
अन्य वक्ताओं में रवींद्र दिवाकर, प्रकाश कुशवाहा, मुबीन राही, अय्यूब खान, केपी कंचन, सीताराम तालगांव, मु. शोहेब, मु. जलील, फूलचंद्र रजक, पजन पंथ, सरमन कुशवाहा, गब्बर अहिरवार, दयाराम अहिरवार, गोविंद दास साहू, रमजानी दादा, कल्लू रजक, मुन्ना रजक आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता शंकरलाल विश्वकर्मा व संचालन पत्रकार सम्भव सिंघई ने किया।