संवाद न्यूज एजेंसी
जाखलौन/ललितपुर। सर्दी के दिनों में भी कई गांवों में जल संकट है। धौर्रा-बालाबेहट परियोजना से पानी की सप्लाई के लिए लगा जनरेटर खराब होने से 62 गांवों की पेयजल आपूर्ति तीन दिनों से ठप है। धौर्रा में करीब छह माह से वाटर सोलर प्लांट खराब होने से लोगों को हैंडपंपों से पानी भरना पड़ रहा है। महरौनी के भदौरा में लगा एकमात्र हैंडपंप खराब होने से ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
लो वोल्टेज के कारण नहीं चल पा रही मोटर : ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम धौर्रा में बालाबेहट पेयजल परियोजना का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बना है। यहां से स्वच्छ पानी की सप्लाई पाइपलाइन से विभिन्न ग्रामों में की जाती है। लेकिन, लो वोल्टेज के कारण मोटरें नहीं चल पा रही हैं। जनरेटर भी खराब हो गया है। इससे 62 गांवों की पेयजल आपूर्ति तीन दिनों से ठप है। पानी के लिए हाहाकार मचा है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण सर्दी में लोगों को दूर से पानी लेने जाना पड़ रहा है।
इन गांवों में आपूर्ति ठप : धौर्रा, धौजरी, मौदान, कपासी, माताखेड़ा, हरदारी, पिपरई, बिजौरी, भारौन, भड़यावारा, बालाबेहट, जहाजपुर, अमऊखेड़ा, बम्हौरी समेत 62 गांवों में आपूर्ति पूरी तरह ठप है। भ