ललितपुर। विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश के चलते बांधों में पानी की आवक बढ़ गई है। इससे राजघाट, माताटीला, गोविंद सागर और शहजाद बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जाने लगी। गेट खुलने से निचले इलाकों में बहने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ गया और वह उफान पर बहने लगी।
मध्य प्रदेश क्षेत्र में हो रही बारिश से बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ गया और राजघाट बांध में पानी की आवक बढ़ गई। बांध का जलस्तर निर्धारित से अधिक पर पहुंचने लगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने दोपहर को राजघाट बांध के आठ गेट खोलकर 85000 क्यूसेक पानी की निकासी कराई। राजघाट बांध से पानी छोड़े जाने पर माताटीला बांध का जलस्तर बढ़ गया। इसे निर्धारित करने के लिए माताटीला से एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रात करीब साढ़े आठ बजे राजघाट बांध के गेटों की संख्या बढ़ाकर 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा।
रात 9 बजे माताटीला के कई गेटों को खोलकर 1.80 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की गई। वहीं, शहजाद बांध के कैचमेंट एरिया में बारिश होने से बांध में पानी की आवक बढ़ गई और शाम 5 बजे बांध के तीन गेट एक-एक फीट खोलकर 3012 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके साथ गोविंद सागर बांध में पानी की आवक अधिक होने पर रात 8 बजे 12 गेट छह-छह फीट खोलकर 5784 क्यूसेक पानी की निकासी की गई।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बांधों के निचले इलाकों में अलर्ट घोषित किया और लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड/नोडल भूपेश सुहेरा ने बताया कि बांधों में पानी की आवक बढ़ने पर जलस्तर को निर्धारित रखने के लिए गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है। जलस्तर के निर्धारित होने पर गेटों को बंद कर दिया जाएगा। जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
ललितपुर-चंदेरी मार्ग पर बना पुल डूबा
ललिपुर से मध्य प्रदेश के चंदेरी क्षेत्र को जाने वाली सड़क पर राजघाट बांध के निचले क्षेत्र में एक पुल बना हुआ है। मंगलवार रात को राजघाट बांध से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर यह पुल पानी में डूब जाएगा। इस कारण से यहां से यातायात और आवागमन बंद हो गया।