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Lalitpur News: नलों में फिर आ रहा गंदा पानी, सता रहा बीमारी का खतरा

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ललितपुर। शुद्ध पेयजल आपूर्ति पर करोड़ों का बजट खर्च हो रहा है, लेकिन शहर के करीब 70 हजार लोगों को साफ पानी मुहैया नहीं हो पा रहा है। आलम यह है कि चार दिनों से शहर में गंदे पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे लोग परेशान हैं। पर्याप्त मात्रा में एलम (फिटकरी) होने का दावा करने के बाद भी साफ पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। यह स्थिति तब है जब प्रभारी मंत्री ने गंदे पानी की सप्लाई होने की शिकायत पर कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद दो दिन सप्लाई साफ हुई, लेकिन फिर स्थिति जस की तस हो गई है।
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लगातार नलों से दूषित पानी आने से परेशान होकर लोगों ने 23 जुलाई को प्रभारी मंत्री दानिश आजाद अंसारी के जनपद प्रवास के दौरान मुद्दा उठाया था। एक में बिसलेरी व दूसरी बोतल में नल का पानी था। पानी देख गुणवत्ता की पोल खुल गई थी। प्रभारी मंत्री ने कड़ी फटकार लगाते हुए जिलाधिकारी को 24 घंटे में रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे। डीएम ने स्टॉक खत्म होने से बगैर एलम के पेयजल सप्लाई होने की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसके बाद 24 व 25 जुलाई तक पानी साफ आया, लेकिन चार दिन से मैला व गंदा पानी आ रहा है।
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ये हो सकती हैं समस्याएं
मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के सहायक आचार्य डाॅ. विशाल जैन ने बताया कि दूषित पानी पीने से उल्टी, दस्त, टाइफाइड, बुखार और आंतों में संक्रमण आदि बीमारी हो सकती है। वहीं पानी के प्रयोग से खुजली व अन्य संक्रमण हो सकते हैं। आंखों में भी समस्या हो सकती है।
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70 हजार की आबादी को मिल रहा पानी
जल संस्थान की तरफ से दो जोन में पेयजल आपूर्ति की जाती है। लोअर व अपर जोन के 14,839 परिवारों की लगभग 70 हजार से अधिक की आबादी को पानी की सप्लाई होती है। लेकिन, वर्तमान में नलों में गंदा पानी व मिट्टी तक आ रही है। पानी को देख लोग पीना तो दूर उपयोग करने तक से बच रहे हैं।
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