ललितपुर। नगर पालिका द्वारा स्वकर का सर्वे कार्य तेजी से चल रहा है। पहले चरण में मुहल्ला गांधीनगर में सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है। जल्द ही अन्य वार्डों में यह कार्य शुरू होगा।
शहरवासियों को स्ट्रीट लाइट, सड़क, नाली आदि सुविधाएं नगर पालिका के माध्यम से ही मुहैया होती हैं। इसके बदले में गृहस्वामी पालिका को गृहकर देते हैं। लेकिन, गृहकर में पालिका कर्मियों की मनमानी चलती थी। इसे देखते हुए शासन ने स्वकर लागू कर दिया है।
इसमें गृहस्वामी को एक प्रोफार्मा भरना होता है, जिससे मकान की लंबाई, चौड़ाई, बनावट और मकान के सामने की सड़क का पूरा ब्योरा भरा जाता है। इसी आधार पर उक्त मकान पर टैक्स आरोपित किया जाता है। यह एक तरह से स्वयं गृहस्वामी का घोषणा पत्र होता है, जिसमें उसे सभी जानकारियां भरनी होती हैं। यदि कोई गलत जानकारी भरी जाती है तो गृहस्वामी स्वयं इसके लिए जिम्मेदार होता है।
नगर पालिका क्षेत्र में वर्तमान में 24,367 मकान पंजीकृत हैं। इन मकानों से विभाग को लगभग चालीस लाख रुपये गृहकर मिलता है। लेकिन, शहर का विस्तार होता जा रहा है। नए- नए मकान बन रहे हैं, जिससे क्षेत्र में सड़कों की आवश्यकता बढ़ रही है। इसे देखते हुए शासन ने स्वकर लागू कर दिया है, ताकि इससे पालिका की आय बढ़ेगी और यह पैसा विकास कार्यों में लगाया जाएगा।
शहर में स्वकर का सर्वे कार्य अलीगढ़ की एक कंपनी को सौंपा गया है। कंपनी ने प्रथम चरण में मुहल्ला गांधी नगर का सर्वे कार्य पूरा कर लिया है। मुहल्ला गांधी नगर में सर्वे के पहले 870 मकान थे, लेकिन सर्वे के बाद अब वहां पर 1,292 मकान और प्लाट चिह्नित किए गए हैं। सर्वे के दौरान मुहल्ले में खाली पड़े प्लाटों को भी चिह्नित कर लिया गया है। अब उनका वास्तविक मिलान किया जाएगा, ताकि कोई मकान छूटने न पाए। मिलान करने के बाद फाइनल फिगर सामने आएगी।
विदित हो कि स्वकर के सर्वे के लिए अलीगढ़ की एक एजेंसी कार्य कर रही है। एजेंसी को तीन माह में कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस कारण कंपनी के कर्मचारी तेजी से कार्य कर रहे हैं।
खाली प्लाटों से मिला जाएगा टैक्स
नगर पालिका द्वारा किए गए स्वकर के सर्वे में खाली प्लाट भी चिह्नित कर लिए गए हैं। इस दौरान प्लाट स्वामियों के नाम भी चिह्नित किए गए हैं। इन खाली प्लाटों पर भी स्वकर लगाया जाएगा। इससे नगर पालिका की आय में खासी बढ़ोत्तरी होगी।
सड़क की चौड़ाई व मकान की बनावट होगी अहम
स्वकर सर्वे के दौरान सड़क की चौड़ाई और मकान की बनावट का अहम योगदान रहेगा। जितनी अधिक चौड़ी सड़क होगी और मकान की बनावट जितनी नई तथा आधुनिक होगी, उसी हिसाब से स्वकर लिया जाएगा।