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गल्ला मंडी में ई-ऑक्शन से लगाई जा रही बोली

Tue, 03 May 2016 12:35 AM IST
lalitpur
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र्ई अाक्शन - फोटो : demo pic
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ललितपुर। गल्ला मंडी में ई-ऑक्शन प्रणाली के तहत जिंस की बोली पायलट प्रोजेक्ट के तहत 14 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। फिलहाल इस प्रोजेक्ट के तहत ई-ऑक्शन में पंजीकृत व्यापारियों द्वारा किसानों से जिंस की खरीद ऑनलाइन होने लगी है। पायलट प्रोजेक्ट सितंबर माह तक गल्ला मंडी के पंजीकृत व्यापारियों द्वारा लगाई जाने वाली ई-बोली के तहत चलेगा। इसके बाद अक्तूबर माह से पंजीकृत किसान और व्यापारी ई-ऑक्शन के तहत देश की किसी भी मंडी के लिए ई-बोली लगा सकेंगे।
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प्रदेश की गल्ला मंडियों में शुमार जनपद की गल्ला मंडी देश की 21 मंडियों में ई-ऑक्शन के लिए चुनी गई है। इस प्रणाली के लिए नौ व्यापारियों ने अब तक पंजीकरण कराया है, जबकि अन्य गल्ला व्यापारियों द्वारा पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। इस प्रणाली से ई-बोली लगाने के लिए सभी व्यापारियों को पंजीकरण कराना आवश्यक होगा। नेशनल एग्रीकल्चर ऑफ मार्केटिंग के तहत फिलहाल गल्ला मंडी में ही पायलट प्रोजेक्ट सितंबर तक चलाया जाएगा। इसके बाद अक्तूबर माह से इस प्रणाली के तहत ई-ऑक्शन में पंजीकृत व्यापारी व किसान देश में किसी भी मंडी में बोली लगा सकेंगे। गुजरात में ई-ऑक्शन प्रणाली का कार्य शुरू हो चुका है, जबकि राजस्थान में भी यह कार्य तेजी के जारी है। इस प्रणाली में बोली लगाने वाले व्यापारियों में सबसे अधिक बोली लगाने वाले व्यापारी की बोली मान्य होगी। जिसे इस प्रणाली में आउट क्राई कहा जाता है। ई-बोली लगने से मंडी शुल्क की चोरी पर लगाम लग सकेगी और किसानों को उनकी जिंस का दाम उनके खाते में पहुंचेगा।
मंडी सचिव अनिल कुमार ने बताया कि इस प्रणाली में किसानों को अस्थाई तौर पर पंजीकृत किया जाएगा। हालांकि, वर्तमान में पायलट प्रोजेक्ट में सिर्फ व्यापारियों को पंजीकृत कराया गया है।
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सेल एग्रीमेंट से किसान व व्यापारी होंगे बाध्य
ललितपुर। ई-ऑक्शन के तहत बोली लगाने वाले व्यापारी व किसानों के बीच सेल एग्रीमेंट होना आवश्यक रहेगा। सेल एग्रीमेंट पर यदि व्यापारी किसान की जिंस खरीद लेता है और बाद में खरीद से मना करता है तो ऐसी स्थिति में मंडी समिति द्वारा निर्धारित किया गया जुर्माना भु्गतना होगा। यही बाध्यता जिंस बेचने वाले किसान पर भी लागू होगी।


मानक की जांच को लैब में हो रही सैंपलिंग
ललितपुर। ई-ऑक्शन के तहत गल्ला मंडी में लगाई जाने वाली बोली के लिए जिंस की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी। मानकों की जांच गल्ला मंडी में स्थित सैंपलिंग लैब में की जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट में लगाई जाने वाली ई-बोली में जिंस की सैंपलिंग की जांच लैब में हो रही है। इसके बाद उक्त जिंस की बोली लगाई जाती है। सैंपलिंग के दौरान जो पैरामीटर निर्धारित किए गए हैं, उसके तहत सबसे पहले नमी की जांच की जाती है। अदर फूड ग्रेन, डैमेज ग्रेन, अदर व्हीट, स्लाईटली डैमेज ग्रेन, वीविल्ड ग्रेन, टूटे दाने, आदर्श दाने का आकार, लूस्टर आदि मानकों की जांच सैंपलिंग लैब में की जाती है। जांच के बाद उक्त किसान और व्यापारी को जांच की ऑनलाइन कॉपी मुहैया कराई जाएगी।



इन व्यापारियों ने कराया पंजीकरण
ललितपुर। ई-ऑक्शन के तहत गल्ला मंडी में फिलहाल नौ व्यापारियों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें आजाद ट्रेडर्स, श्रीजी ट्रेडर्स, बिलौआ ट्रेडर्स, अनुपम कुमार- आलोक कुमार, अंकुर इंटरप्राइजेज, जैनको, अशोक कुमार- राजकुमार व नितिन ट्रेडर्स का ई-ऑक्शन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया गया है।


चार व्यापारियों ने लगाई ई-बोली
ललितपुर। ई-ऑक्शन प्रणाली शुरू होने से सोमवार को चार व्यापारियों ने ई-बोली लगाकर चार किसानों का गेहूं खरीदा। इस प्रणाली के तहत सबसे पहले अनुपम कुमार-आलोक कुमार ने ग्राम बैरवारा निवासी किसान अरविंद सिंह ने 1,550 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में 20 क्विंटल गेहूं खरीदा। व्यापारी प्रमोद कुमार ने ग्राम बैरवारा निवासी किसान जितेंद्र सिंह से 1,650 रुपये प्रति क्विंटल के भाव मेें 18 क्विंटल गेहूं खरीदा। अशोक कुमार- राजकुमार ने ग्राम उल्दना निवासी किसान सुरेंद्र सिंह से 1,525 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से 25 क्विंटल गेहूूं और बिलौआ ट्रेडर्स द्वारा ग्राम सौजना निवासी किसान भगवान दास से 1,852 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बीस क्विंटल गेहूं खरीदा।
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