संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। चार माह पूर्व गला घोंटकर जुगपुरा में शव फेंकने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। युवक की हत्या उसके ही दोस्तों ने ट्रेन में यात्रियों से चोरी सामान के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में की थी।
शहर के मोहल्ला जुगपुरा में 9 जुलाई को एक तलैया में अज्ञात युवक का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से युवक की मौत होने की पुष्टि हुई थी। कोतवाली में केस पंजीकृत किया गया था। पुलिस अधीक्षक ने एएसपी अनिल कुमार के नेतृत्व में चार टीमें गठित की थीं। 15-17 दिन बाद मृतक की शिनाख्त दीपक यादव निवासी बानपुर दरवाजा टीकमगढ़, मध्य प्रदेश के रूप में की गई थी।
पुलिस ने मृतक के परिजन, मित्रों व रिश्तेदारों से जानकारी की, जिसमें महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। कड़ियों को आपस में जोड़ा तो हत्यारोपियों के चेहरे बेनकाब हो गए। दीपक यादव की हत्या में उसके ही दो साथी वीरेंद्र अहिरवार निवासी हनुमान सागर थाना कोतवाली और जिला टीकमगढ़, मध्य प्रदेश और विकास अहिरवार निवासी मुहल्ला रौरैया थाना कोतवाली और जिला टीकमगढ़ के नाम प्रकाश में आए। बृहस्पतिवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों को पुलिस ने न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। यह केस पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। इसके खुलासे के लिए टीमें पूरी सक्रियता से लगी थी। बृहस्पतिवार को पुलिस ने इसमें सफलता पाई। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रमेश चंद्र मिश्रा, स्वाट प्रभारी अतुल तिवारी व सर्विलांस टीम प्रभारी आलोक सिंह अपनी-अपनी टीम सहित शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने पुलिस टीमों को 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।