मशहूर गायक छक्की लाल प्रजापति का निधन
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ललितपुर जिले के मड़ावरा क्षेत्र के ग्राम सौरई निवासी बुंदेलखंड के मशहूर गायक छक्की लाल प्रजापति का बुधवार को निधन हो गया। वह पिछड़े क्षेत्र एवं आर्थिक तंगी होने के बाद भी इनके माता-पिता ने इनका लालन पालन छोटे से गांव गौना में किया। आर्थिक तंगी होने के कारण शिक्षा से वंचित रह गए और अपने घर में माता-पिता के साथ एक प्रजापति होने के कारण बर्तन बनाने में हाथ बंटाया और कुछ गांव के लोगों के साथ इन्होंने सुंदरकांड का गायन शुरू किया। फिर इन्होंने छोटे-छोटे प्रोग्राम में भाग लिया।
इसके बाद उन्होंने 20 वर्ष की उम्र में आकाशवाणी छतरपुर में लोकगीत गायन के लिए भाग लिया, जिसमें इन्होंने अपनी एक मंडली बनाई और उन्होंने अपने साथियों के साथ जाकर सन 15 अक्तूबर 1996 में आकाशवाणी छतरपुर के कार्यक्रम निर्देशक अधिकारी ए के नगाइच के द्वारा इनको लोकगीत गायन में शामिल किया गया। इन्होंने आकाशवाणी छतरपुर में तरह-तरह की विभिन्न बुंदेलखंडी बुंदेली लोकगीत का गायन किया। इनकी लोक गीतों की प्रतिभा बढ़ती गई और साथ में इन्होंने करीब 2002 में अंजनी माता मेले में रामलीला का भी प्रोग्राम किया। इनकी रामलीला बहुत ही प्रचलित मानी गई। 2013 में इनको दूरदर्शन कलाकार की भी उपाधि मिली और कई बार सम्मानित किया गया। दूरदर्शन ग्वालियर से सर्वप्रथम प्रोग्राम दूरदर्शन चैनल पर दिया।
उन्होंने अपने सहयोग से कई महिला कलाकारों को संगीत में शामिल किया और उनको भी आकाशवाणी छतरपुर से सम्मानित करवाया। बीते रोज 20 नवंबर 2024 को वह कुशवाहा परिवार के सौरई गांव में दस्टोन समारोह में शामिल होने के दौरान उन्होंने रात करीब एक बजे पहली वंदना शुरू की और इसके बाद लोकगीत शुरू होने से पहले उनके सीने में दर्द हुआ। उसी समय उनके संगीत साथी तुरंत प्राइवेट डॉक्टर के पास मड़ावरा ले गए, लेकिन उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भेज दिया। जहां हालत में सुधार न देखते हुए उन्हें टीकमगढ़ मध्य प्रदेश ले गए। जहां उनको मृत घोषित कर दिया गया। उनके परिवार में पत्नी, माता एवं दो पुत्र हैं, जो आज भी मिट्टी के बर्तन बनाने का कार्य करते हैं।