ललितपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग की अधिग्रहीत जमीन बेचने के मामले में पूर्व पालिकाध्यक्ष रमेश खटीक को सोमवार शाम पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उन्हें मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जा सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण झांसी के कार्यालय सहायक ने इस मामले में दो माह पूर्व पालिकाध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष की पत्नी समेत चार आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के कार्यालय सहायक हेमंत राजपूत ने दो माह पूर्व सात अक्तूबर को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा झांसी से ललितपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 बनाने, रखरखाव एवं संरक्षण के लिए नियुक्त किया गया है। इस राजमार्ग के लिए दस मई 2005, एक मई 2006 एवं 20 नवंबर 2006 को आराजी संख्या 5415/4 का करकवा 0.142 हेक्टेयर स्थित जमीन बाहर हद व अंदर हद का अधिग्रहण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पक्ष में किया जा चुका है जिसकी प्रतिकर राशि भी वर्ष 2008 में सभी सहखातों को दी जा चुकी है।
इस प्रकार उक्त संपत्ति भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग एवं भारत सरकार की हो गई। इसके बाद भी 21 अप्रैल वर्ष 2010 को शहर के रैदासपुरा निवासी हर सिंह पुत्र स्योलाल, प्रीतम पुत्र छत्ते ने अन्य आराजी संख्या 5415/1 का रकवा 0.170 हेक्टेयर का भाग मोहल्ला नदीपुरा निवासी रमेश खटीक को रजिस्टर्ड बैनामा किया। इसके बाद उक्त जमीन को ग्राम मिर्चवारा निवासी रसरानी पत्नी कैलाश नारायण कुर्मी को बेच दी, लेकिन उक्त दोनों रजिस्ट्री का दाखिल खारिज नहीं हुआ। इस अवैध क्रय विक्रय की जांच जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी और उप निबंधक से कराई, जिसमें बताया गया था कि 5315/1 का रकबा 0.170 हेक्टेयर में से 0.142 हेक्टेयर रकबा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से अधिग्रहीत किया जा चुुका था। इसके बाद उक्त आराजी में से मात्र 0.128 हेक्टेयर रकबा ही शेष था, लेकिन रमेश खटीक के द्वारा 0.028 हेक्टेयर के स्थान पर 0.042 हेक्टेयर आराजी का क्रय करना और विक्रेता हर सिंह व प्रीतम सिंह द्वारा विक्रय करना जालसाजी माना है। इस मामले में बीते सात अक्तूबर को कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष समेत चारों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। अब इस मामले में पुलिस ने सोमवार शाम को पूर्व पालिकाध्यक्ष को हिरासत में ले लिया है और उक्त मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस पूछताछ के बाद मंगलवार को न्यायालय में पेश कर सकती है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि एनएचए की जमीन को धोखाधड़ी से बेचने के मामले में पूर्व पालिका अध्यक्ष के खिलाफ अक्तूबर माह में रिपोर्ट दर्ज हुई थी, इसी मामले में उन्हें हिरासत में लिया गया है और पूछताछ के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।