देवरान (ललितपुर)। क्षेत्र में विकास के भले ही दावे किए जा रहे हो लेकिन हकीकत यह है कि क्षेत्र में खस्ताहाल और गड्ढेदार सड़कों पर जान जोखिम में डालकर लोग निकल रहे हैं। इधर, ग्राम देवरान में मोहल्ला ढोंगा पुरवा जाने के लिए पक्का रास्ता न होने से लोग रेत पर चलने को मजबूर हैं। मोहल्ले में बिजली की लाइन न होने से आज भी यहां के लोगों को लालटेन जलाकर काम चलाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि महंगी गाड़ियों से वोट मांगने आने वाले नेताओं के सारे वादे झूठे हैं।
ढोंगा मोहल्ला में नहर पर न पुलिया बनी और न ही बिजली की व्यवस्था है। रात में लोगों को लालटेन के सहारे जीवन गुजारना पड़ रहा है। मोहल्ले के लोगों ने बताया 20 साल से वह लोग ऐसे ही जिंदगी काट रहे हैं। कई बार मोहल्ले वालों ने प्रशासन को अवगत कराया पर अभी तक सुनवाई नहीं हुई। कहा कि चुनाव के समय पर नेता झूठे आश्वासन देकर चले जाते हैं लेकिन जीतने के बाद कोई इस ओर मुड़कर नहीं देखता है।
पिछले चुनाव में ऐसे ही आश्वासन मिले थे लेकिन आज तक कोई विकास नहीं हुआ। उन्होंने डीएम को ज्ञापन देकर बिजली लाइन, पुलिया और पक्का रास्ता बनवाने की मांग की है। इस मौके पर खुशीलाल, भरत सिंह, चंदा देवी, रोहित, मनोहर, रघुवीर, जसवंत, शंकरलाल सिंह, सूरज लोधी, जानकी, कैलाश, बृजभान, मुन्ना, कमल सिंह, गुलाब शंकर, लखन लाल राजपूत आदि मौजूद रहे।
जान जोखिम में डालकर गड्ढेदार सड़क से गुजर रहे ग्रामीण
ब्लॉक बार के ग्राम देवरान से सात किलोमीटर सड़क पर गड्ढे होने से ग्रामीणों को जोखिम में जान डाल कर रास्ता तय करना पड़ रहा है। आए दिन लोग चोटिल हो जाते हैं। पुल कट जाने से राहगीरों को जान का खतरा बना हुआ है। रात के अंधेरे में पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए और भी खतरा है। देवरान-बार सड़क से कई गांवों में हनुपुरा, हीरापुर, खजरा, कारीटोरन, बरखिरिया, देवरान के ग्रामीणों ने प्रशासन से गड्ढा मुक्त सड़क बनवाने की मांग की है।
10 हजार की आबादी में अस्पताल और कॉलेज तक नहीं
न्याय पंचायत देवरान की आबादी करीब 10 हजार है। इस क्षेत्र में करीब 28 समुदाय के लोग रह रहे हैं इसके बाद भी न तो अब तक कोई हाईस्कूल खोला गया और न ही कोई स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था की गई। ग्राम प्रधान गुड्डी देवी ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों से पत्राचार शुरू कर दिया है।
दो किलोमीटर सड़क न बनने से राहगीरों को हो रही परेशानी
ग्राम प्रधान के मुताबिक देवरान से हाईवे तक करीब चार किलोमीटर सड़क तत्कालीन विधायक कृष्ण चंद्र शर्मा के कार्यकाल में बनवाया गया था लेकिन हाईवे तक मार्ग को जोड़ने के लिए दो किलोमीटर की सड़क न बनने से राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
मोहल्ला वासियों को नहर के पानी से होकर अपने घरों तक जाना पड़ता है नहर पर कोई पुलिया की व्यवस्था नहीं की गई और मोहल्ला तक सड़क भी नहीं बनी है।- सूरत सिंह लोधी, प्रधान प्रतिनिधि- देवरान
हम लोगों को मोमबत्ती और लालटेन के सहारे रात गुजारनी पड़ती है। अपने मोहल्ला तक पहुंचने के लिए रेत और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है।-लखनलाल लोधी, देवरान
सड़क पर गड्ढे होने से आए दिन टू व्हीलर वाले गिरकर चोटिल हो जाते हैं कभी बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।-कपूर चंद्र रजक
रात के समय अपने खेत से पैदल घर आने के दौरान अंधेरा हो जाता है कई बार तो हम पुल के गड्ढों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। अगर गड्ढे ऐसे ही पड़े रहे तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।-राहुल रजक