ललितपुर। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार त्रिपाठी व महेंद्र जैन मयूर ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की विसंगतियां दूर करने के लिए उसका संशोधन प्रस्ताव बनाकर लोकसभा में भेजा जाएगा, ताकि व्यापारियों का उत्पीड़न रोका जा सके।
उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय और प्रांतीय अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्रा और खाद्य सुरक्षा व मानक बोर्ड के अधिकारियों व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ गत दिवस बैठक में अधिनियम में व्याप्त विसंगतियों को दूूर करने पर अधिकांश बिंदुओं पर सहमति बन गई है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद श्याम बिहारी मिश्रा के नेतृत्व में मंडल के पदाधिकारियों ने 15 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ बैठक कर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 में व्याप्त विसंगतियों पर विस्तार से चर्चा की।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम बोर्ड के सीईओ पवन अग्रवाल के साथ 17 बिंदुओं में से अधिकांश पर सहमति बन गई, जिसका एक प्रस्ताव बनाकर लोकसभा में संशोधन के लिए भेजने का निर्णय लिया गया है। व्यापार मंडल द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के 17 बिंदुओं में पंजीयन की अंतिम तारीख चार फरवरी है, जो बढ़ाई जाएगी।
पंजीकरण पांच वर्ष के बजाय आजीवन किए जाने, वार्षिक टर्न ओवर 12 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने आदि शामिल है। इस दौरान महेंद्र जैन मयूर, अनिल जैन अंचल, अभय जैन, नरेंद्र जैन कड़ंकी, नवीन सिंघई, महेंद्र जैन सतभैया आदि मौजूद रहे।
सभी से हो वैभव एवं संपत्ति कर की वसूली
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने जिला पंचायत अध्यक्ष को ज्ञापन देकर जिला पंचायत परिषद द्वारा अधिनियम में सरकारी, अर्धकारी व अन्य कंपनी के कर्मचारियों से वैभव एवं संपत्ति कर की वसूली नहीं कर व्यापारियों को ही नोटिस देकर उत्पीड़न करने की शिकायत की है।
उन्होंने जिला पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी गांव व कस्बों के सरकारी व अर्धसरकारी कर्मियों से भी वैभव एवं संपत्ति कर की वसूली किए जाने की मांग की। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष से व्यापारियों के साथ-साथ सरकारी कर्मियों से भी वैभव व संपत्ति कर की वसूली किए जाने की मांग की है।