ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) मोहम्मद बाबर खान की अदालत ने थाना पूराकलां क्षेत्र के गांव गुंदेरा में 10 वर्ष पुराने एससी-एसटी एक्ट और मारपीट के मामले में चार अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष के कारावास एवं तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
थाना पूराकलां क्षेत्र के ग्राम गुंदेरा निवासी बैजनाथ पुत्र विंदे ने दस वर्ष पहले दो नवंबर 2012 को थाना पूराकलां में तहरीर देकर बताया था कि 16 जुलाई 2012 को शाम पांच बजे वह अपना खेत जोत रहा था। तभी गांव के ही जगदीश, प्रभु, बब्लू एवं छोटे मौके पर आए और गाली-गलौज करते हुए खेत जोतने से मना करने लगे। इस पर उसने उनसे कई सालों से खेत जोतने की बात कही। जिस पर उन सभी ने उसे लात घूसों एवं लाठियों से हमला कर जमकर मारपीट कर दी। जिससे चोटें आईं। इसके साथ ही उन्होंने उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। जिस पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली और एक्सरे रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने विवेचना में धारा 325 की बढ़ोतरी करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। सोमवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास एवं तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।