शहर में करीब 24 हजार घरेलू व चार हजार से अधिक कॉमर्शियल विद्युत संयोजनधारी उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत का उपभोग किया जा रहा है। विभाग द्वारा हर माह विद्युत बिलिंग का कार्य घर-घर जाकर मीटर रीडरों के माध्यम से कराया जा रहा है। नियम है कि मीटर रीडर घरों में स्थापित विभिन्न प्रकार के चाहे पुराने काले मीटर हों या फिर इलेक्ट्रॉनिक मीटर, सही होने की स्थिति में विद्युत खपत के आधार पर मीटर में आने वाली रीडिंग के अनुसार ही बिलिंग कर उपभोक्ताओं को विद्युत बिल देते हैं, ताकि उपभोक्ताओं द्वारा बिजली उपभोग का भुगतान अदा किया जा सके। लेकिन, बहुत से उपभोक्ताओं को विभाग द्वारा मीटर बिलकुल ठीक होने के बाद भी रीडिंग से बिल नहीं निकालकर आईडीएफ यानि खराब मीटर दर्शाकर फिक्स्ड यूनिट 155 यूनिट के बिल थमाए जा रहे हैं। इससे उन्हें कम बिजली खपत करने के बाद भी अधिक बिजली खपत का भुगतान कस्त्रत्त्रना पड़ रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं को विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। साथ ही बिल ठीक कराने को भटक रहे हैं।
विभाग द्वारा 25 हजार उपभोक्ताओं की सूची में पांच हजार आईडीएफ उपभोक्ताओं की सूची तैयार बकी है, जबकि अन्य आईडीएफ मीटर वालो उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर खोजकर सूची तैयार की जा रही है। लेकिन, जिन उपभोक्ताओं के मीटर सही हैं, उन्हें बिलों का संशोधन कराने के लिए विभागीय कार्यालय जाना पड़ रहा है। विभाग द्वारा आईडीएफ या खराब मीटर होने पर मीटर बदलने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। चेकिंग अभियान में भी विद्युत अधिकारियों द्वारा मीटर खराब होने की स्थिति में अथवा पुराने काले मीटर लगे होने या फिर पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटरों को बदलकर नई तकनीक वाले पूर्णत: इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए जा रहे हैं।
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